Atmanirbhar Bharat: धनुका बोले- हमारे समझौते से बढ़ेंगे रोजगार के साधन, देश को आत्मनिर्भर बनाने में मिलेगी मदद
लालबाबा इंजीनियरिंग समूह के निदेशक अमित धनुका ने कहा कि 'हम प्रारंभिक चरण में स्थानीय संसाधनों और मानव संसाधन का उपयोग करके 300 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। हमारा अत्याधुनिक, पूरी तरह से स्वचालित संयंत्र दक्षता बढ़ाने के लिए है, हम जहां भी संभव हो, स्थानीय रोजगार के अवसरों को अधिकतम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
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देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमारी कंपनी हमेशा काम करती है। हमारा नया कारखाना स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है, और हम यह घोषणा करने के लिए उत्साहित हैं कि हम प्रारंभिक चरण में स्थानीय संसाधनों और मानव संसाधन का उपयोग करके 300 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। हमारा अत्याधुनिक, पूरी तरह से स्वचालित संयंत्र दक्षता बढ़ाने के लिए है, हम जहां भी संभव हो, स्थानीय रोजगार के अवसरों को अधिकतम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भविष्य में और इसके विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह बात लालबाबा इंजीनियरिंग समूह के निदेशक अमित धनुका ने समूह की 60वीं वर्षगांठ पर इंडो-ड्यूट्श सहयोग की शुरुआत करते हुए कही।
उन्होंने कहा, यह समूह जनवरी 25 को आगामी भारत मोबिलिटी शो में औपचारिक रूप से आईडीपीटी को उद्योग और ग्राहकों के लिए लॉन्च करेगा। इसके बाद फिर एसीएमए और ईईपीसी द्वारा आयोजित सभी प्रमुख ऑटोमोटिव घटक शो में भाग लेना जारी रखेगा। उन्होंने कहा, हमारे लक्षित उत्पाद ज्यादातर आयात प्रतिस्थापन हैं और ये भारत को इन महत्वपूर्ण ऑटोमोबाइल घटकों जैसे एयर बैग पाइप्स, क्रैंक शाफ्ट्स और फ्यूल इंजेक्शन पाइप्स और इसी तरह के कई अन्य उत्पादों में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे।
धनुका ने कहा, समूह ने अपनी 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर बिना जोड़ों वाली ट्यूबों के उद्योग में पहली बार एक अंतरराष्ट्रीय संयुक्त उद्यम की घोषणा की है। इस संयुक्त उद्यम में 100 साल पुरानी जर्मन ट्यूब निर्माण दिग्गज कंपनी पॉप्पे+पॉटहोफ के साथ साझेदारी की गई है। उल्लेखनीय है कि मुरारी लाल धनुका ने लालबाबा समूह की नींव 1964 में रखी गई थी और उनके बेटे किशन धनुका के नेतृत्व में यह समूह सफलतापूर्वक विकसित हुआ। किशन धनुका ने इसे आगे बढ़ाया। यह समूह 72,000 मीट्रिक टन वार्षिक उत्पादन के साथ भारत के सबसे बड़े कोल्ड ड्रॉ उत्पादनकर्ताओं में से एक माना जाता है। इस साझेदारी से उनके आगामी हरियाणा स्थित संयंत्र से 15,000 मीट्रिक टन अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त करने की संभावना है।
समूह के निदेशक निकुंज धनुका कहा, यह सहयोग सीमलेस ट्यूब्स बाजार में अपनी तरह का पहला है। उन्नत प्रौद्योगिकी को टिकाऊ प्रथाओं के साथ मिलाकर, हम उद्योग मानकों को फिर से परिभाषित करने और वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने का लक्ष्य रखते हैं।