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Kashmir Dispute: पीओके पहुंचे OIC संगठन के महासचिव ब्राहिम ताहा बोले- कश्मीर विवाद हमारे एजेंडे में सबसे ऊपर
Mon, 12 Dec 2022 07:01 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 12 Dec 2022 07:01 PM IST
सार
ब्रहिम ताहा ने कहा कि कश्मीर विवाद एक कूटनीतिक मुद्दा है जिसकी चर्चा सड़क पर खड़े होकर नहीं की जा सकती। इसलिए हमको इस मसले पर अन्य देशों, संगठनों के समर्थन की आवश्यकता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तान के साथ कश्मीर विवाद पर भारत कई बार अपना रुख साफ कर चुका है कि यह भारत का आंतरिक मामला हैं, इससे निपटने के लिए हम सक्षम हैं। वहीं इस्लामिक देशों के संगठन के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा ने कहा कि कश्मीर विवाद ओआईसी के एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। दरअसल, ब्राहिम ताहा पीओके दौरे पर पहुंचे थे यहां उन्होंने कहा कि इस्लामिक देशों के संगठन भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का रास्ता ढूंढ रहा है ताकि कश्मीर विवाद का हल निकाला जा सके।
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उन्होंने कहा कि कश्मीर विवाद को लेकर अन्य देशों को साथ आने के लिए कह रहे हैं, ताकि इस मुद्दे पर जल्द से जल्द हल निकाला जा सके। हम पाकिस्तान समेत अन्य देशों से साथ इस विषय पर खाका तैयार कर रहे हैं। साथ ही ब्राहिम ताहा ने राष्ट्रपति आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कश्मीर में मौजूदा स्थिति को लेकर एक व्यापक मूल्यांकन रिपोर्ट भी संगठन को सौंपी जाएगी।
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ब्रहिम ताहा ने कहा कि कश्मीर विवाद एक कूटनीतिक मुद्दा है जिसकी चर्चा सड़क पर खड़े होकर नहीं की जा सकती। इसलिए हमको इस मसले पर अन्य देशों, संगठनों के समर्थन की आवश्यकता है। पीओके के राष्ट्रपति भवन में जब हिसेन ब्राहिम ताहा मीडिया से बात कर रहे थे, उस समय उनके साथ पीओके के राष्ट्रपति सुल्तान महमूद, प्रधानमंत्री सरदार तनवीर इलियास, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कश्मीर मामले में सलाहकार कमर जमान कायरा भी मौजूद थे।
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भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन को दिया था मुंहतोड़ जवाब
ऐसा पहली बार नहीं जब इस्लामिक देशों के संगठन ने कश्मीर मुद्दे पर कुछ बोला हैं। ओआईसी पाकिस्तान की वकालत करता है। इससे पहले यूएनएससी में ओआईसी ने भारत के खिलाफ बयान था, जिसके बाद भारत ने अपना जवाब देकर मुंह बंद कर दिया था।
इस साल अक्तूबर में पाकिस्तान और ओआईसी पर निशाना साधते हुए भारत ने कहा था कि पाकिस्तान को झूठ बोलने की आदत हो गई है। जबकि पूरी दुनिया को पता है कि पाकिस्तान में मानवाधिकारों का हनन होना आम बात है। पाकिस्तान का अपने लोगों के मानवाधिकारों के संरक्षण का रिकॉर्ड खराब है। पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों पर जुल्मों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा पाकिस्तान और उसके अधिकृत इलाकों में सिख, हिंदू, इसाई समुदाय के अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अन्याय को रोकने में विफल है। आए दिन धर्म को लेकर वहां अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जाता है।