फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ordinance on payment of wages act passes through cabinet

मोदी मंत्रिमंडल ने वेतन भुगतान कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी

Wed, 21 Dec 2016 09:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 21 Dec 2016 09:11 PM IST
विज्ञापन
ordinance on payment of wages act passes through cabinet
narendra modi - फोटो : File Photo

कैशलेस समाज की तरफ एक मजबूत कदम बढ़ाते हुए सरकार ने वेतन भुगतान कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का फैसला  किया है। इसके बाद कंपनियां और औद्योगिक प्रतिष्ठान अपने कामगारों के वेतन का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके या चेक से करेंगे। 

विज्ञापन


सरकार से जुड़े एक एक सूत्र ने बताया कि मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में वेतन भुगतान कानून,  1936 में संशोधन के लिए सहमति बनी। इसके तहत नियोक्ताओं तथा कुछ उद्योगों को अपने कामगारों के वेतन का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके या चेक से करना होगा। हालांकि अध्यादेश जारी होने के बाद भी नियोक्ताओं के पास वेतन का भुगतान नकद में करने का विकल्प होगा।
विज्ञापन


वेतन भुगतान-संशोधन- विधेयक, 2016 के तहत मूल कानून की धारा छह में संशोधन का प्रस्ताव है जिससे नियोक्ता अपने कर्मचारियों को उनके वेतन का भुगतान चेक से या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से उनके बैंक खाते में डालकर कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों नोटबंदी पर हंगामे के बीच श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने संसद में यह विधेयक पेश किया था। इसके तहत राज्य सरकारें ऐसे उद्योग या प्रतिष्ठान तय कर सकती हैं जो वेतन देने के लिए कैशलेस तरीके का इस्तेमाल करते हैं।

कानून 23 अप्रैल, 1936 को  अस्तित्व में आया था

ordinance on payment of wages act passes through cabinet
फाइल फोटो - फोटो : self

विधेयक में कहा गया है कि यह नई प्रक्रिया डिजिटल और कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था के उद्देश्य को पूरा करती है। यह कानून 23 अप्रैल, 1936 को  अस्तित्व में आया था। इसके तहत वेतन का भुगतान सिक्के और मुद्रा नोटों या दोनों में किया जा सकता है।

इसमें वेतन का भुगतान चेक या बैंक खाते के  जरिये करने के प्रावधान को 1975 में शामिल किया गया। फिलहाल इस कानून के दायरे में प्रतिष्ठानों के कुछ श्रेणियों के वे कर्मचारी आते हैं जिनका  वेतन 18,000 रुपये मासिक से अधिक नहीं है।

केंद्र सरकार वेतन भुगतान के बारे में रेलवे, हवाई परिवहन सेवाओं, खान, तेल  क्षेत्र और स्वयं के प्रतिष्ठानों के मामले में नियम बना सकती है। अन्य  मामलों में राज्यों को फैसला करना होता है। कानून में राज्य स्तर पर संशोधन  के जरिये आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, केरल और हरियाणा ने पहले ही चेक और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से वेतन भुगतान का प्रावधान कर दिया है।

फिलहाल कर्मचारी से लिखित में लेकर उसका वेतन चेक के जरिये या उसके खाते में सीधे डाला जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed