{"_id":"6190df902707b8086211ef9a","slug":"ordinance-issued-ed-and-cbi-directors-tenure-extended-by-five-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"अध्यादेश: अब ईडी और सीबीआई निदेशक का कार्यकाल पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा, केंद्र का बड़ा फैसला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अध्यादेश: अब ईडी और सीबीआई निदेशक का कार्यकाल पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा, केंद्र का बड़ा फैसला
Sun, 14 Nov 2021 03:36 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 14 Nov 2021 03:36 PM IST
सार
पहले दो साल के लिए निदेशक बनाया जाएगा। फिर एक-एक साल कर के तीन बार बढ़ा सकते हैं। इस तरह ऐसे कुल पांच साल का हो सकता है कार्यकाल, लेकिन कुल पांच साल से ज्यादा का कार्यकाल नहीं रहेगा।
विज्ञापन
सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीबीआई और ईडी के निदेशकों का कार्यकाल अब पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा। केंद्र सरकार ने रविवार को इस संबंध में अध्यादेश जारी कर दिया है। वर्तमान में इन दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियों के निदेशकों का कार्यकाल दो साल का होता है। सरकार के इस फैसले के बाद दोनों एजेंसियों के निदेशकों का कार्यकाल अब पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है।
फिलहाल दोनों केंद्रीय एजेंसियों के निदेशों का कार्यकाल दो साल तक के लिए तय होता है। कुछ मामलों को छोड़ दें, तो कार्यकाल खत्म होने से पहले उन्हें हटाया नहीं जा सकता है। इस अध्यादेश से पहले तक सरकार इनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा भी सकती थी। पिछले साल नवंबर में केंद्र सरकार ने ईडी डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया था। मिश्रा का एक साल का कार्यकाल नवंबर 2020 में खत्म हो गया था।
विज्ञापन
शीतकालीन सत्र से पहले आया अध्यादेश
केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) 2021 नाम का अध्यादेश संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से कुछ दिन पहले ही लाया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अध्यादेश को मंजूरी भी दे दी है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार इससे संबंधित विधेयक संसद में पेश कर सकती है। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू होने वाला है।
फिलहाल सीबीआई और ईडी की कमान इनके पास
सीबीआई में फिलहाल 1985 बैच के आइपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल निदेशक पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें मई 2021 में दो साल के लिए नियुक्त किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय की कमान आईआरएस अधिकारी संजय कुमार मिश्रा के पास है। मिश्रा को नवंबर 2018 में यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मिश्रा का दो साल का कार्यकाल नवंबर 2020 में ही समाप्त हो गया था, लेकिन केंद्र उनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया था।
अध्यादेश राज: कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकार के फैसले पर ट्वीट किया, ‘एजेंसियों के प्रमुखों का दुरुपयोग करने के लिए 5 साल के कार्यकाल की दोहरी मार। मोदी सरकार के पसंदीदा रास्ते अध्यादेश राज के जरिए संसद के सत्र से 14 दिन पहले संसदीय समीक्षा को परे कर दिया गया। सेवा विस्तार शीर्ष अदालत के गुस्से के बावजूद किया गया। अध्यादेश नहीं बल्कि संसद के नए कानून के तहत नई नियुक्तियां की जानी चाहिए न कि सेवा विस्तार दिया जाना चाहिए।’
इससे पहले तृणमूल के राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने कहा कि ये अध्यादेश संसद का मजाक हैं। उन्होंने ट्वीट किया, मोदी शाह की भाजपा ने बेशर्मी से अध्यादेशों का इस्तेमाल कर संसद का मजाक बना रखा है। आज फिर उन्होंने अपने पिंजड़े में कैद तोतों ईडी और सीबीआई के मामले में यही किया है। वहीं, माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि ये हड़बड़ी बता रही है इसमें कुछ तो गड़बड़ है।
विज्ञापन
फिलहाल दो साल का होता था कार्यकालThe Government of India brings Ordinance to extend the tenure of Enforcement Directorate (ED) and Central Bureau of Investigation (CBI) Directors up to 5 years. pic.twitter.com/r6NZ8cLyJS
— ANI (@ANI) November 14, 2021विज्ञापन
फिलहाल दोनों केंद्रीय एजेंसियों के निदेशों का कार्यकाल दो साल तक के लिए तय होता है। कुछ मामलों को छोड़ दें, तो कार्यकाल खत्म होने से पहले उन्हें हटाया नहीं जा सकता है। इस अध्यादेश से पहले तक सरकार इनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा भी सकती थी। पिछले साल नवंबर में केंद्र सरकार ने ईडी डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया था। मिश्रा का एक साल का कार्यकाल नवंबर 2020 में खत्म हो गया था।
विज्ञापन
शीतकालीन सत्र से पहले आया अध्यादेश
केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) 2021 नाम का अध्यादेश संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से कुछ दिन पहले ही लाया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अध्यादेश को मंजूरी भी दे दी है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार इससे संबंधित विधेयक संसद में पेश कर सकती है। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू होने वाला है।
फिलहाल सीबीआई और ईडी की कमान इनके पास
सीबीआई में फिलहाल 1985 बैच के आइपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल निदेशक पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें मई 2021 में दो साल के लिए नियुक्त किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय की कमान आईआरएस अधिकारी संजय कुमार मिश्रा के पास है। मिश्रा को नवंबर 2018 में यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मिश्रा का दो साल का कार्यकाल नवंबर 2020 में ही समाप्त हो गया था, लेकिन केंद्र उनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया था।
अध्यादेश राज: कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकार के फैसले पर ट्वीट किया, ‘एजेंसियों के प्रमुखों का दुरुपयोग करने के लिए 5 साल के कार्यकाल की दोहरी मार। मोदी सरकार के पसंदीदा रास्ते अध्यादेश राज के जरिए संसद के सत्र से 14 दिन पहले संसदीय समीक्षा को परे कर दिया गया। सेवा विस्तार शीर्ष अदालत के गुस्से के बावजूद किया गया। अध्यादेश नहीं बल्कि संसद के नए कानून के तहत नई नियुक्तियां की जानी चाहिए न कि सेवा विस्तार दिया जाना चाहिए।’
इससे पहले तृणमूल के राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने कहा कि ये अध्यादेश संसद का मजाक हैं। उन्होंने ट्वीट किया, मोदी शाह की भाजपा ने बेशर्मी से अध्यादेशों का इस्तेमाल कर संसद का मजाक बना रखा है। आज फिर उन्होंने अपने पिंजड़े में कैद तोतों ईडी और सीबीआई के मामले में यही किया है। वहीं, माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि ये हड़बड़ी बता रही है इसमें कुछ तो गड़बड़ है।