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संसद: रक्षामंत्री की जगह कानून मंत्री के जवाब देने पर लोकसभा में विपक्ष का हंगामा

Sat, 12 Feb 2022 02:31 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 12 Feb 2022 02:31 AM IST
सार

भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने सेना भर्ती कैंप में कमी संबंधी सवाल पूछा तो इसका जवाब देने के लिए रिजिजू खड़े हुए। इस पर तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय समेत विपक्ष के कई सांसदों ने आपत्ति की।

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opposition uproar in Lok Sabha over the answer of Law Minister instead of Defense Minister
किरण रिजिजू - फोटो : ANI

विस्तार

लोकसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान मंत्रियों की गैरमौजूदगी को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। हंगामा उस वक्त शुरू हुआ जब रक्षा मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न का जवाब कानून मंत्री किरेन रिजिजू देने लगे। उस समय सदन में न तो रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे और न ही रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट। विपक्ष ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों के कारण मंत्री सदन का अपमान कर रहे हैं।

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दरअसल, भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने सेना भर्ती कैंप में कमी संबंधी सवाल पूछा तो इसका जवाब देने के लिए रिजिजू खड़े हुए। इस पर तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय समेत विपक्ष के कई सांसदों ने आपत्ति की।
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रॉय ने कहा कि यह सदन का अपमान है। जब सत्र चल रहा है तब मंत्रालय के दोनों मंत्री चुनाव में व्यस्त हैं। स्पीकर ने स्थिति संभालते हुए कहा कि दोनों मंत्रियों ने उनसे गैरहाजिर रहने की इजाजत ली है। फिर यह केंद्रीय मंत्रिमंडल का सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ा मामला है।
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नियमानुसार दूसरे मंत्रालय से जुड़े मंत्री भी जवाब दे सकते हैं। रिजिजू ने भी यही दलील दी। हालांकि विपक्षी सांसदों का कहना था कि सत्र के जारी रहते मंत्रियों को सदन की प्रतिष्ठा का ख्याल रखना चाहिए।

विदेश मंत्री जयशंकर को बुलाने की मांग
इससे पहले सौगत रॉय ने भारत मध्य एशिया शिखर सम्मेलन पर सवाल पूछने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर को सदन में बुलाने की मांग की। हालांकि विदेश राज्यमंत्री मुरलीधरन सवाल का जवाब दे रहे थे।

रॉय ने कहा कि राज्य मंत्री नए हैं और उनका सवाल गंभीर है। ऐसे में इस सवाल का जवाब केंद्रीय मंत्री को देना चाहिए। इस पर स्पीकर ने कहा कि जयशंकर उनकी इजाजत लेकर ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गए हैं। जबकि रिजिजू ने रॉय की आपत्तियों को राज्य मंत्री का अपमान बताया।

अफगानिस्तान के हालात पड़ोसी देशों के लिए ‘स्वाभाविक चिंता’ का विषय : मुरलीधरन
विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि अफगानिस्तान के हालात भारत जैसे पड़ोसी देशों के लिए स्वाभाविक चिंता का विषय है और मध्य एशियाई देश भी ऐसी ही चिंता और उद्देश्य प्रकट करते हैं। भारत ने जनवरी में पहले भारत-मध्य एशिया सम्मेलन की मेजबानी की थी। इसमें कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिस्तान ने वर्चुअल माध्यम से शिरकत की थी।

तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय के सवाल पर मुरलीधरन ने कहा कि सम्मेलन में अफगानिस्तान के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। भारत और पांच मध्य एशियाई देशों ने अफगानिस्तान के मुद्दे पर संयुक्त कार्यबल के गठन का फैसला लिया।


सम्मेलन के बाद जारी दिल्ली घोषणा में अफगानिस्तान के लोगों की मानवीय सहायता, आतंकवाद व ड्रग तस्करी से निपटने, महिलाओं, बच्चों व अल्पसंख्यकों के अधिकारियों के संरक्षण की बात कही गई थी। साथ ही भारत और मध्य एशियाई देशों के नेताओं ने हर दो साल पर सम्मेलन करने का भी निर्णय लिया। अगला सम्मेलन 2024 में होने की उम्मीद है।

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