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विपक्षी दलों का आरोप, 'सीबीआई-ईडी' की मदद से '2019' को फतह करना चाहती है भाजपा

Mon, 07 Jan 2019 05:30 PM IST
पूजा मेहरोत्रा जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: पूजा मेहरोत्रा Updated Mon, 07 Jan 2019 05:30 PM IST
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Opposition parties said BJP want to defeat 2019 election with the help of CBI-ED
नरेंद्र मोदी-राहुल गांधी

लोकसभा चुनावों की दहलीज पर देश में एक नई बहस छिड़ गई है। खासतौर से विपक्षी दलों और एनडीए के विरोध में खड़ी हुई राजनीतिक पार्टियों का आरोप है कि भाजपा सीबीआई-ईडी जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों की मदद लेकर '2019' का लोकसभा चुनाव फतह करना चाहती है। आने वाले दिनों में विपक्ष के कई नेताओं के यहां जांच एजेंसियों के छापे देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल कांग्रेस पार्टी, सपा-बसपा, आप, टारगेट पर हैं।

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सूत्रों की मानें तो लोकसभा चुनाव से पहले दबाव बनाने की रणनीति के तहत आरजेडी, तेलुगू देशम पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और एनसीपी सहित कई दूसरे राजनीतिक दलों के यहा नए-पुराने मामलों के सिलसिले में जांच एजेंसी दस्तक दे सकती है।
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गत सप्ताह यूपी में पूर्ववर्ती सपा सरकार के शासनकाल में वर्ष 2012 से 2016 के बीच हुए कथित खनन घोटाला मामले में सीबीआई ने कई जगहों पर छापेमारी की थी।कहा जा रहा है कि वर्ष 2012-13 में खनन विभाग तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास था।सीबीआई इस मामले में यादव से पूछताछ कर सकती है।
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इसके बाद तमाम विपक्षी दलों ने जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया है।कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि भाजपा जांच एजेंसियों के सहारे लोकसभा चुनाव जीतना चाह रही है।

रणदीप सुरजेवाला ने कहा, भाजपा सीबीआई, ईडी और डीआरआई का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है।सपा नेता रामगोपाल यादव का कहना है कि यूपी में सीबीआई के छापे डलवाना, यह कदम भाजपा पर भारी पड़ेगा।अब तो भाजपा यूपी में पांव भी नहीं रख पाएगी। उन्होंने कहा, पीएम मोदी को वाराणसी छोड़कर कहीं दूसरी जगह से चुनाव लड़ना पड़ेगा। बसपा सुप्रीमों मायावती ने सीबीआई छापों को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव से बातचीत के दौरान कहा, भाजपा द्वारा इस तरह की रेड डलवाना कोई नई बात नहीं है।

Opposition parties said BJP want to defeat 2019 election with the help of CBI-ED
kejriwal modi - फोटो : अमर उजाला

यह भाजपा की पुरानी टेक्टिक्स है। जनता सब समझती है। बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने भी जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनके मुताबिक, भाजपा मुद्दों से भटकाने के लिए सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। खनन मामले में एफआईआर अधिकारी के खिलाफ हुई है।उस अधिकारी ने अलॉटमेंट प्रक्रिया में सरकार द्वारा बनाए गए कानून का उल्लंघन किया है तो इसके लिए अखिलेश यादव कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं।

भाजपा के साथी उन्हें छोड़ रहे हैं, इसलिए अब वह अपना नया गठबंधन सीबीआई के साथ कर रही है।कांग्रेस पार्टी के नेता आनंद शर्मा ने गत वर्ष जुलाई माह में सदन की कार्यवाही के दौरान भी सीबीआई, ईडी और डीआरआई के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया था।उनका कहना था कि राजनीतिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए इन एजेंसियों का इस्तेमाल हो रहा है।

'आप' ने सबसे ज्यादा झेला है जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को

आम आदमी पार्टी के नेता दिलीप पांडे ने कहा, पांच साल में जांच एजेंसियों के दुरुपयोग की सबसे ज्यादा पीड़ा हमने झेली है।पुलिस, सीबीआई, आयकर, निर्वावन आयोग और एलजी दफ़्तर के जरिए आप सरकार को परेशान करने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए।मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके मंत्री और विधायकों के यहां पड़े सीबीआई छापे यह बताने के लिए काफ़ी हैं कि मोदी सरकार 'आप' से अपनी हार का बदला लेना चाहती थी।जांच एजेंसी को किसी के यहां कुछ नहीं मिला। अखिलेश यादव सीबीआई दुरुपयोग की अगली कड़ी हैं।हमें सत्यमेव पर पूरा भरोसा है, '2019 निर्णायक होगा।
 

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जांच एजेंसियों के रडार पर कौन कौन हैं

नेशनल हेराल्ड केस में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी को आरोपी बनाया गया है। राबर्ट वाड्रा को लेकर पहले ही जांच एजेंसियां दस्तावेज खंगाल चुकी हैं। अभी तक उनके एवं सहयोगियों के ठिकाने पर छापेमारी हो रही है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ठिकानों पर भी सीबीआई छापे मार चुकी है। हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ईडी के दफ्तर में पेशी भुगत रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के खिलाफ ईडी जांच चल रही है।

विजय माल्या और क्रिश्चियन मिशेल भी राजनीतिक टेक्टिक का हिस्सा

विपक्षी दलों का कहना है कि भाजपा ने विजय माल्या और क्रिश्चियन मिशेल केस को भी राजनीतिक फायदे की कड़ी में शामिल कर दिया है।जांच एजेंसियों ने अभी तक मिशेल को लेकर कोई पुख्ता रिपोर्ट कोर्ट में नहीं दी है, लेकिन पीएम मोदी अपनी रैलियों और साक्षात्कार में यह घोषणा कर रहे हैं कि 'राजदार' आ गया है।जिन लोगों ने घोटाला किया है, अब उन्हें जेल दिखाई दे रही है। इसके बाद केंद्रीय वित्तमंत्री और रक्षा मंत्री ने भी सदन के भीतर अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे के बिचौलिये मिशेल का नाम लेकर कांग्रेस पार्टी को घेरने का प्रयास किया था।कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा का कहना है कि जांच एजेंसी मिशेल से जबरन कांग्रेस पार्टी के नेताओं का नाम निकलवाना चाह रही है।भाजपा विजय माल्या के केस को भी राजनीतिक तौर पर ले रही है।
 
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