मानसून सत्र में छाए रहेंगे हंगामे के बादल, चुनावी साल में सरकार पर एकजुट हमला बोलेगा विपक्ष
संसद में बजट सत्र से जारी हंगामा बुधवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में भी कम होने के आसार नहीं हैं। चुनावी वर्ष में कांग्रेस जहां सरकार पर एकजुट हमला बोलने के लिए विपक्ष को लामबंद कर रही है, वहीं भाजपा भी विपक्षी हमले का उसी अंदाज में जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी की योजना मासूमों के साथ रेप पर फांसी, ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा और तीन तलाक को दंडात्मक बनाने संबंधी बिल को किसी भी तरह कानूनी जामा पहनाने की है।
दरअसल, चुनावी वर्ष में प्रवेश के साथ ही सरकार और विपक्ष एक-दूसरे को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। सत्र शुरू होने से पहले जहां कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल पेश करने की मांग की है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह विपक्ष पर सीधा हमला बोल रहे हैं। कांग्रेस की रणनीति विपक्ष को एकजुट कर हमला बोलने की है।
उधर, तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) क्षेत्रीय दलों के समर्थन से लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है, वहीं अन्नाद्रमुक के हंगामे के बीच इस पर बहस की अनुमति एक बार फिर खारिज होने की संभावना है। विपक्ष जहां रोजमर्रा की चीजों में महंगाई, किसान को उचित दाम, कश्मीर समस्या और पेट्रोलियम पदार्थों के ऊंचे दामों का मुद्दा उठाएगी तो भाजपा भी इनकी जवाब ‘हिंदू पाकिस्तान’ और कांग्रेस की मुस्लिम परस्ती के मुद्दों के जोरशोर से उठाकर देगी।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि ओबीसी, तीन तलाक और मासूमों से रेप पर फांसी संबंधी बिल संसद में अटका तो पार्टी को इन्हें मुद्दा बनाने का मौका मिलेगा। तब पार्टी विपक्ष पर ओबीसी और मुस्लिम महिला विरोधी होने का आरोप लगाएगी।
नहीं आएगा महिला आरक्षण विधेयक
नहीं आएगा महिला आरक्षण विधेयक
लोकसभा में पारित कराने के बाद सरकार तीन तलाक विधेयक को अब राज्यसभा में पारित कराने की कोशिश करेगी। लेकिन लोकसभा में पारित हो चुके महिला आरक्षण विधेयक को सरकार राज्यसभा में पारित करने की इच्छुक नहीं दिख रही है। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने सोमवार को कहा, इस विधेयक की खिलाफत कर रही पार्टियों के साथ कांग्रेस गठबंधन बना रही है। पहले वे उन दलों से महिला आरक्षण बिल के समर्थन का पत्र लाए, फिर हम देखेंगे।
राज्यसभा में कौन होगा नेता?
चूंकि राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली किडनी ट्रांसप्लांट कराने के बाद अभी काम पर नहीं लौटे हैं, इसलिए मानसून सत्र में नेता सदन कौन होगा, यह साफ नहीं है। भाजपा के कुछ नेता मान रहे हैं कि वरिष्ठता की वजह से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को ही यह कार्यभार उठाना होगा। लेकिन जावडे़कर ने इस बारे में सिर्फ इतना कहा, राज्यसभा में नेता सदन कौन होगा, यह सिर्फ अरुण जेटली ही बता पाएंगे।