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Parliament News: चीन से सीमा विवाद पर तकरार जारी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बिहार पर की टिप्पणी ली वापस
Fri, 23 Dec 2022 07:23 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 23 Dec 2022 07:23 AM IST
सार
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि पीयूष गोयल को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। सपा के रामगोपाल यादव ने कहा कि सदन के नेता की ओर से ऐसा बयान स्वीकार्य नहीं है।
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बिहार पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की टिप्पणी और चीन के साथ झड़प पर चर्चा की इजाजत नहीं मिलने पर समूचे विपक्ष ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
शून्यकाल के दौरान विपक्षी सांसद विरोध में खड़े हो गया और सदन के वेल में घुस आए। विपक्षी सांसद चीन के साथ झड़प और पीयूष गोयल की टिप्पणी पर चर्चा की मांग कर रहे थे। गोयल ने मंगलवार को सदन में कहा था कि इनका बस चले तो देश को बिहार ही बना दें।
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि पीयूष गोयल को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। सपा के रामगोपाल यादव ने कहा कि सदन के नेता की ओर से ऐसा बयान स्वीकार्य नहीं है। सभापति जगदीप धनखड़ ने मल्लिकार्जुन खरगे से भी सदस्यों को समझाने के लिए कहा। खरगे ने जवाब दिया कि हम चीनी अतिक्रमण पर चर्चा चाहते हैं, लेकिन सरकार अडिग है। हंगामे के साथ विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
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लोकसभा : नारेबाजी और शोरगुल के बीच पांच बार स्थगित करना पड़ा सदन
चीन के साथ सीमा विवाद पर चर्चा की मांग पर जोर दे रहे विपक्ष के हंगामे के चलते बृहस्पतिवार को लोकसभा की कार्यवाही चार बार स्थगन के बाद पांचवीं बार शुक्रवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2022 पेश करने की अनुमति देने के लिए सदन ने पर्याप्त समय तक कार्य किया। विधेयक पेश करने के दौरान विरोध जारी रहने के कारण कार्यवाही की अध्यक्षता कर रही रमा देवी ने सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले दो बार स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कोविड-19 के हालात और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मंत्री के बयान के दौरान भी विपक्षी सांसद नारेबाजी करते रहे।
विपक्ष के आरोपों पर उपसभापति ने कहा, नियम से चलता है उच्च सदन
राज्यसभा में विपक्ष के पक्षपात के आरोपों पर उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि सदन नियम से चलता है। सदस्यों को सूचीबद्ध और तय विषय से अलग मुद्दे पर बोलने न देना संसदीय व्यवस्था का हिस्सा है। नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे लेकर आरोप लगाए थे। उपसभापति ने कहा कि सदन को अधिकार और शक्तियां सदस्यों से मिली हैं। सभापति को पक्ष या विपक्ष से जोड़कर देखा जाना ठीक नहीं। उपसभापति ने कहा कि 8 दिसंबर 2022 सभापति ने एक निर्णय दिया था, जो सभी सदस्यों पर लागू होता है और वह भी उन्हीं में से एक हैं। 13 दिसंबर 2022 को नेता विपक्ष को उनके नोटिस को स्वीकार नहीं करने के बावजूद बोलने दिया गया। उन्हें उनका नोटिस भी सदन में पढ़ने की अनुमति दी। इसके बाद 14 दिसंबर को उन्होंने कोई नोटिस नहीं दिया। सदस्यों का आरोप लगाना कि वह उधर के सदस्यों को बोलने का मौका नहीं देते, यह तथ्यात्मक रूप से गलत है।
बीते साल हुए 4.12 लाख सड़क हादसे
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में बृहस्पतिवार को कहा कि देश में 2021 में सड़क हादसों की संख्या बढ़कर 4,12,432 हो गई, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 3,66,138 था। एक लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि 2019 में देश में 4,49,002 सड़क हादसे हुए थे। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने देश में सड़क सुरक्षा के पुनर्गठन और मजबूती के लिए सड़क इंजीनियरिंग पर आधारित बड़ी पहल की है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मंत्रालय किसी भी चालू राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) परियोजना को बंद करने पर विचार नहीं कर रहा है।
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शून्यकाल के दौरान विपक्षी सांसद विरोध में खड़े हो गया और सदन के वेल में घुस आए। विपक्षी सांसद चीन के साथ झड़प और पीयूष गोयल की टिप्पणी पर चर्चा की मांग कर रहे थे। गोयल ने मंगलवार को सदन में कहा था कि इनका बस चले तो देश को बिहार ही बना दें।
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राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि पीयूष गोयल को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। सपा के रामगोपाल यादव ने कहा कि सदन के नेता की ओर से ऐसा बयान स्वीकार्य नहीं है। सभापति जगदीप धनखड़ ने मल्लिकार्जुन खरगे से भी सदस्यों को समझाने के लिए कहा। खरगे ने जवाब दिया कि हम चीनी अतिक्रमण पर चर्चा चाहते हैं, लेकिन सरकार अडिग है। हंगामे के साथ विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
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लोकसभा : नारेबाजी और शोरगुल के बीच पांच बार स्थगित करना पड़ा सदन
चीन के साथ सीमा विवाद पर चर्चा की मांग पर जोर दे रहे विपक्ष के हंगामे के चलते बृहस्पतिवार को लोकसभा की कार्यवाही चार बार स्थगन के बाद पांचवीं बार शुक्रवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2022 पेश करने की अनुमति देने के लिए सदन ने पर्याप्त समय तक कार्य किया। विधेयक पेश करने के दौरान विरोध जारी रहने के कारण कार्यवाही की अध्यक्षता कर रही रमा देवी ने सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले दो बार स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कोविड-19 के हालात और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मंत्री के बयान के दौरान भी विपक्षी सांसद नारेबाजी करते रहे।
विपक्ष के आरोपों पर उपसभापति ने कहा, नियम से चलता है उच्च सदन
राज्यसभा में विपक्ष के पक्षपात के आरोपों पर उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि सदन नियम से चलता है। सदस्यों को सूचीबद्ध और तय विषय से अलग मुद्दे पर बोलने न देना संसदीय व्यवस्था का हिस्सा है। नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे लेकर आरोप लगाए थे। उपसभापति ने कहा कि सदन को अधिकार और शक्तियां सदस्यों से मिली हैं। सभापति को पक्ष या विपक्ष से जोड़कर देखा जाना ठीक नहीं। उपसभापति ने कहा कि 8 दिसंबर 2022 सभापति ने एक निर्णय दिया था, जो सभी सदस्यों पर लागू होता है और वह भी उन्हीं में से एक हैं। 13 दिसंबर 2022 को नेता विपक्ष को उनके नोटिस को स्वीकार नहीं करने के बावजूद बोलने दिया गया। उन्हें उनका नोटिस भी सदन में पढ़ने की अनुमति दी। इसके बाद 14 दिसंबर को उन्होंने कोई नोटिस नहीं दिया। सदस्यों का आरोप लगाना कि वह उधर के सदस्यों को बोलने का मौका नहीं देते, यह तथ्यात्मक रूप से गलत है।
बीते साल हुए 4.12 लाख सड़क हादसे
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में बृहस्पतिवार को कहा कि देश में 2021 में सड़क हादसों की संख्या बढ़कर 4,12,432 हो गई, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 3,66,138 था। एक लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि 2019 में देश में 4,49,002 सड़क हादसे हुए थे। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने देश में सड़क सुरक्षा के पुनर्गठन और मजबूती के लिए सड़क इंजीनियरिंग पर आधारित बड़ी पहल की है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मंत्रालय किसी भी चालू राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) परियोजना को बंद करने पर विचार नहीं कर रहा है।