ऑपरेशन सिंदूर: हमले से पहले नौ आतंकी ठिकानों की बारीकी से जांच, डीजीएमओ बोले- निर्माण सामग्री के भी जुटाए सबूत
ऑपरेशन सिंदूर के बारे में सैन्य ऑपरेशन महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला करने के लिए भारतीय सेना ने गहन जांच और आसमानी निगरानी की। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोग निशाना न बन जाएं इस लिए हमले के लिए चुने गए नौ ठिकानों की बेहद बारीकी से पड़ताल की गई थी।
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ऑपरेशन सिंदूर के बारे में सैन्य ऑपरेशन महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि निर्दोष लोग निशाना न बन जाएं इस लिए हमले के लिए चुने गए नौ ठिकानों की बेहद बारीकी से पड़ताल की गई थी।
डीजीएमओ ने कहा, आप सब उस क्रूरता और नृशंस तरीके से परिचित हैं, जिसके जरिए 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 लोगों की असमय हत्या कर दी गई। पूरे देश की ओर से देखे गए उन भयावह दृश्यों और परिवारों के दर्द को हमारे सशस्त्र बलों और निहत्थे नागरिकों पर हुए कई आतंकवादी हमलों के साथ जोड़ने के बाद, हम जानते थे कि एक राष्ट्र के रूप में आतंकवाद के खिलाफ हमारे संकल्प से जुड़ा मजबूत जवाब देने का समय आ गया है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की कल्पना आतंकी हमले के दोषियों और साजिशकर्ताओं को दंडित करने और उनके आतंकी ढांचे को नष्ट करने के स्पष्ट सैन्य उद्देश्य के साथ की गई थी। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा, मैं यहां इस बात की चर्चा नहीं करूंगा कि आतंकवाद को लेकर भारत अपनी असहिष्णुता और दृढ़ संकल्प अकसर कैसे व्यक्त करता है। हमने सीमा पार आतंकी शिविरों और प्रशिक्षण केंद्रों की मेहनत से और सूक्ष्म तरीकों से पहचान की। हालांकि जब हमने ज्यादा जांच की तो पता चला कि इनमें से कुछ आतंकी ठिकाने हमारे हमले के डर से अब खाली हो चुके हैं।
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आसमान से भी रखी जा रही थी नजर
हमने उन नौ शिविरों की पहचान की जिनकी पुष्टि हमारी विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने की, जिनमें आतंकी थे। इनमें से कुछ पीओजेके (पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर) में थे, जबकि कुछ अन्य पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित थे। इसके बाद इन सभी स्थानों, उनके भवन के लेआउट, बनाने में इस्तेमाल हुई सामग्री, इनके आसपास के भूभाग की सावधानीपूर्वक जांच की गई। हमले में हम जिसे निशाना बनाना चाहते हैं यह सुनिश्चित करने के लिए हमने उनपर आसमान से भी नजर रखी। यह इसलिए भी था ताकि हमारे पास यह सबूत रहे कि हमने वहीं हमला किया है जहां हम करना चाहते थे।
शिव तांडव स्तोत्र से शुरू हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस
तीनों सैन्य अभियान महानिदेशकों की प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत शिवतांडव स्तोत्र से हुई। सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ ) लेफ्टिनेंट जनरल घई ने आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के सबूत मीडिया के साथ साझा किए। डीजीएमओ ने बताया, हमने जिन नौ ठिकानों को निशाना बनाया उसमें मुरीदके कैंप भी था, जहां से कसाब और डेविड हेडली जैसे आतंकियों का कनेक्शन था।
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ये ठिकाने किए तबाह
एयर मार्शल ए.के. भारती ने वीडियो दिखाते हुए बताया कि भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के वायु रक्षा रडार और एयरफील्ड का तगड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने पासरूर एयर डिफेंस रडार चुनियां एयर डिफेंस रडार, अरीफवाला एयर डिफेंस रडार, सरगोधा एयरफील्ड, रहीम यार खान एयरफील्ड, चकलाला एयरफील्ड (नूर खान), सुक्कुर एयरफील्डट, भुलारी एयरफील्ड, जैकबाबाद एयरफील्ड में हुए हमले और उसके असर के वीडियो भी साझा किए। हमले में नष्ट रहीम यार खान हवाईअड्डा बंद कर दिया है।
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