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Operation Sindoor: जारी है ऑपरेशन सिंदूर, पाकिस्तान में आतंकवादियों के लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं

Sun, 11 May 2025 09:01 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 11 May 2025 09:01 PM IST
सार

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान और आतंकियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब उनके लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं है और हर उल्लंघन का दोगुना जवाब मिलेगा। भारत ने कश्मीर पर बातचीत से इनकार करते हुए कहा है कि अब उसके एजेंडे में केवल पीओके है और सैन्य वार्ता सिर्फ डीजीएमओ स्तर पर होगी। सूत्रोंं ने यह बात कही। 

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Operation Sindoor continues, no place is safe for terrorists in Pakistan Sources
डीजीएमओ की मीडिया ब्रीफिंग - फोटो : एएनआई

विस्तार

ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। 23 अप्रैल और सैन्य कार्रवाई के बाद भारत की जिन देशों के साथ बातचीत हुई है, उन सभी को बता दिया गया है कि अगर पाकिस्तान ने गोली चलाई तो हम भी गोली चलाएंगे। पाकिस्तान के दुस्साहस पर हमारी प्रतिक्रिया में बहुत ज्यादा उछाल आया है। हमने उनके परमाणु निवारक को दिखावा कहा है। सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी 'एएनआई' से यह बात कही। 

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सूत्रों ने बताया, भारत ने आतंकवादियों और उनके समर्थकों को संदेश दिया है कि पाकिस्तान में कोई भी जगह उनके लिए सुरक्षित नहीं है। वे एक जगह से प्रशिक्षण हासिल कर हमले नहीं कर सकते। आतंकी वारदात को अंजाम देने के बाद वे दूसरी जगह जाकर चार मंजिला बंगले में रह कर नहीं सोच सकते हैं कि वे सुरक्षित हैं। हम पलटवार करेंगे। 10 मई को सीजफायर समझौते पर सहमत होने के बावजूद, उन्होंने ड्रोन और मिसाइलें भेजीं। उन्हें जान लेना चाहिए कि उल्लंघन के गंभीर परिणाम होंगे। ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।
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उन्होंने कहा, हम कश्मीर के मामले में बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हैं। कश्मीर पर अब केवल पीओके का मुद्दा बचा है। संदेश यह है कि डीजीएमओ स्तर की वार्ता ही सैन्य कार्रवाई रोकने के संबंध में संवाद का माध्यम है। इसमें किसी तीसरे देश या तीसरे पक्ष को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। भारत, पाकिस्तान के डीजीएमओ के अलावा किसी और से बातचीत करने के लिए तैयार नहीं होगा।

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उन्होंने कहा, कार्रवाई रात में होती है। हालांकि आज सुबह 5 बजे से शांतिपूर्ण माहौल है, लेकिन पाकिस्तान के बारे में भविष्यवाणी नहीं की जा सकती; वे रात में हमला करते रहे हैं। लेकिन आप निश्चिंत रहें कि अगर वे हमला करते हैं, तो हमारी ओर से जवाबी कार्रवाई दोगुनी होगी। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि 'मिट्टी में मिला देंगे' का उद्देश्य पूरा हो गया है- बहावलपुर या मुरीदके की तस्वीरें देखें। भारत ने सांप के सिर पर हमला किया है। भारत पर तीन दशक तक आतंकी हमले करना अब उनकी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) नहीं रह सकती।


'पाकिस्तान को नहीं मिला ओआईसी का साथ'
सूत्र ने कहा, हमारी कई देशों के राजनयिकों और प्रतिनिधियों से बातचीत हुई। हमें ऐसा कोई नहीं दिखा जो पाकिस्तान को खुलकर समर्थन दे रहा हो। यहां तक कि इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी की प्रतिक्रिया भी कई दिन बाद आई, जिससे हमारा आमतौर पर सीधा संवाद नहीं होता और उनसे जुड़े कुछ मित्र देशों से हमने संपर्क किया। उनकी प्रतिक्रिया आम तौर पर जैसी होती है, वैसी नहीं थी। ओआईसी में भी काफी विचार-विमर्श हुआ और पाकिस्तान को निराशा का सामना करना पड़ा, क्योंकि उसे वहां से भी समर्थन नहीं मिला। पाकिस्तान यह दिखाने की कोशिश करता है कि पूरा इस्लामी जगत उनके साथ है,लेकिन ऐसा नहीं है। सऊदी अरब ने भारत के प्रति सहानुभूति जताई। जब पहलगाम हमला हुआ, तब प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर थे। मलयेशिया ने भी कहा कि पहलगाम में जो हुआ, वह गलत था। यानी, पाकिस्तान जिस तरह यह प्रचार करता है कि उसे इस्लामी देशों का समर्थन है, वैसा समर्थन इस बार उसे नहीं मिला। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ा है।

सूत्रों ने बताया कि जब अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया, तो बातचीत में पाकिस्तान और परमाणु हथियार शब्द का कोई जिक्र नहीं हुआ। अमेरिका की तरफ से यह संदेश था कि पाकिस्तान चाहता है कि उसे कोई ऐसा रास्ता दिया जाए जो उसे मंजूर हो। लेकिन पीएम मोदी ने उस प्रस्ताव पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा, अगर पाकिस्तान कोई कार्रवाई करता है, तो हम जवाब देंगे। मुझे उन्हें कोई ‘ऑफ-रैंप’ (यानी पीछे हटने का रास्ता) देने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने ड्रोन भेजे और भारत में हमले किए। भारत इन हमलों को रोकने में कामयाब रहा।  इसके बाद भारत ने पलटवार करते हुए पाकिस्तान के एयरबेस (हवाई ठिकानों) पर हमला किया। फिर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोबारा फोन किया। उन्होंने बताया कि उनकी पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से बात हुई है और वे सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए बातचीत को तैयार हैं। लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि हम किसी तीसरे पक्ष की गारंटी स्वीकार नहीं करेंगे। हम सीधे पाकिस्तान के डीजीएमओ से ही बात करेंगे।   

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