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संयुक्त कमांडर सम्मेलन: ऑपरेशन सिंदूर पर फिल्म का विमोचन, भविष्य की युद्ध अवधारणाओं पर नए सैन्य सिद्धांत जारी
Fri, 08 May 2026 07:25 AM IST
अमन तिवारी
अमर उजाला ब्यूराे
अमर उजाला ब्यूराे
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 08 May 2026 07:25 AM IST
सार
जयपुर में आयोजित सैन्य सम्मेलन में रक्षा मंत्री ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर फिल्म जारी की। सीडीएस ने युद्ध के लिए तीन नए सिद्धांत पेश किए, जिनमें एआई और साइबर सुरक्षा पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होना है।
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संयुक्त कमांडर सम्मेलन...ऑपरेशन सिंदूर पर फिल्म का विमोचन
- फोटो : X@HQ_IDS_India
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विस्तार
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जयपुर में तीनों सेनाओं की शीर्ष कमांडरों के दो दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का विमोचन किया। सम्मेलन के पहले दिन भविष्य की युद्ध अवधारणाओं पर नए सैन्य सिद्धांत भी जारी किए गए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से जारी 28 मिनट की यह फिल्म आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल किए जाने की पाकिस्तान की नीति को उजागर करती है। फिल्म में 26/11 मुंबई आतंकी हमले से लेकर पहलगाम में हुए आतंकी हमलों तक की घटनाओं को क्रमवार दिखाया गया है। इसके साथ ही इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेनाओं की निर्णायक कार्रवाई पर भी विस्तार से बात की गई है, जिसके कारण बेहद कम समय में पाकिस्तान दबाव में आ गया था।
सम्मेलन के पहले दिन साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञात्मक क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ नवाचार और स्वदेशीकरण पर चर्चा की गई। सम्मेलन में सैन्य-नागरिक तालमेल और सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर तालमेल पर खासतौर से बातचीत हुई।
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अदृश्य मोर्चों पर चर्चा...आधुनिक युद्ध अब पारंपरिक मैदानों से निकलकर तकनीकी और जटिल डोमेन में प्रवेश कर गया है। लिहाजा सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) और आधुनिक युद्ध में मानवरहित प्रणालियों के बढ़ते प्रभाव पर भी बातचीत की जाएगी। सम्मेलन के दौरान स्वदेशी रूप से विकसित भविष्य की तकनीकी प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। बैठक का एक एजेंडा तीनों सेनाओं में संयुक्तता को बढ़ावा देकर थिएटर कमांड की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाना है। गौरतलब है कि सीडीएस जनरल अनिल चौहान थिएटरीकरण पर अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंप चुके हैं। हालांकि कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति से इसको हरी झंडी मिलनी बाकी है।
तीन सैन्य सिद्धांत
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने इस मौके पर तीन अहम सैन्य सिद्धांत भी जारी किए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मैन्ड एंड अनमैन्ड टीमिंग जॉइंट प्राइमर है। यह युद्ध के मैदान में मानव बुद्धिमत्ता और मशीनी सटीकता के तालमेल को एक नई परिभाषा देता है। इसका उद्देश्य एक ऐसा ढांचा तैयार करना है जिसमें भारत के अपने एआई आधारित सिस्टम सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकें। ताकि सैनिकों का जोखिम कम किया जा सके। इसके साथ ही मिलिट्री साइबर स्पेस पॉलिसी को एक डिजिटल सुरक्षा कवच के रूप में तैयार किया गया है। यह नीति भविष्य के युद्धों में सूचना तंत्र की सुरक्षा और साइबर डोमेन में सेना का दबदबा सुनिश्चित करने के लिए एक रोडमैप प्रदान करती है। अंत में द्विभाषी संयुक्त स्टाफ सेवा ड्यूटी पैम्फलेट के माध्यम से तीनों सेनाओं के बीच प्रशासनिक और परिचालन स्तर पर बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित करने वाले सिद्धांत भी जारी किया गया। यह सभी सिद्धांत सेना के थियेटरीकरण में एक आधारशिला का काम करेंगे।
अन्य वीडियो-
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से जारी 28 मिनट की यह फिल्म आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल किए जाने की पाकिस्तान की नीति को उजागर करती है। फिल्म में 26/11 मुंबई आतंकी हमले से लेकर पहलगाम में हुए आतंकी हमलों तक की घटनाओं को क्रमवार दिखाया गया है। इसके साथ ही इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेनाओं की निर्णायक कार्रवाई पर भी विस्तार से बात की गई है, जिसके कारण बेहद कम समय में पाकिस्तान दबाव में आ गया था।
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सम्मेलन के पहले दिन साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञात्मक क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ नवाचार और स्वदेशीकरण पर चर्चा की गई। सम्मेलन में सैन्य-नागरिक तालमेल और सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर तालमेल पर खासतौर से बातचीत हुई।
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अदृश्य मोर्चों पर चर्चा...आधुनिक युद्ध अब पारंपरिक मैदानों से निकलकर तकनीकी और जटिल डोमेन में प्रवेश कर गया है। लिहाजा सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) और आधुनिक युद्ध में मानवरहित प्रणालियों के बढ़ते प्रभाव पर भी बातचीत की जाएगी। सम्मेलन के दौरान स्वदेशी रूप से विकसित भविष्य की तकनीकी प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। बैठक का एक एजेंडा तीनों सेनाओं में संयुक्तता को बढ़ावा देकर थिएटर कमांड की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाना है। गौरतलब है कि सीडीएस जनरल अनिल चौहान थिएटरीकरण पर अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंप चुके हैं। हालांकि कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति से इसको हरी झंडी मिलनी बाकी है।
तीन सैन्य सिद्धांत
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने इस मौके पर तीन अहम सैन्य सिद्धांत भी जारी किए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मैन्ड एंड अनमैन्ड टीमिंग जॉइंट प्राइमर है। यह युद्ध के मैदान में मानव बुद्धिमत्ता और मशीनी सटीकता के तालमेल को एक नई परिभाषा देता है। इसका उद्देश्य एक ऐसा ढांचा तैयार करना है जिसमें भारत के अपने एआई आधारित सिस्टम सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकें। ताकि सैनिकों का जोखिम कम किया जा सके। इसके साथ ही मिलिट्री साइबर स्पेस पॉलिसी को एक डिजिटल सुरक्षा कवच के रूप में तैयार किया गया है। यह नीति भविष्य के युद्धों में सूचना तंत्र की सुरक्षा और साइबर डोमेन में सेना का दबदबा सुनिश्चित करने के लिए एक रोडमैप प्रदान करती है। अंत में द्विभाषी संयुक्त स्टाफ सेवा ड्यूटी पैम्फलेट के माध्यम से तीनों सेनाओं के बीच प्रशासनिक और परिचालन स्तर पर बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित करने वाले सिद्धांत भी जारी किया गया। यह सभी सिद्धांत सेना के थियेटरीकरण में एक आधारशिला का काम करेंगे।
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