Operation Kaveri: ऑपरेशन कावेरी के तहत 328 भारतीय नई दिल्ली और 231 अहमदाबाद पहुंचे; अब तक 3000 लोगों की वापसी
विदेश मंत्रालय ने बताया कि खार्तूम शहर में हमलों और सूडान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि खार्तूम में भारतीय दूतावास को अस्थायी रूप से पोर्ट सूडान में स्थानांतरित कर दिया जाए।
विस्तार
सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए चलाए जा रहे अभियान 'ऑपरेशन कावेरी' के तहत मंगलवार को 328 भारतीय नई दिल्ली पहुंचे। इससे पहले 231 भारतीय आज शाम को अहमदाबाद पहुंचे थे। इनमें से करीब 208 लोग गुजरात के रहने वाले हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि अब तक करीब तीन हजार भारतीय सकुशल वापस आ चुके हैं। अहमदाबाद में गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने सऊदी अरब के जेद्दा से एक विशेष उड़ान से भारत पहुंचे स्वदेशियों का सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वागत किया। इसके अलावा 116 यात्रियों के साथ वायु सेना का विमान पोर्ट सूडान से जेद्दा पहुंच रहा है।
#WATCH | "20th batch of evacuees departs from Port Sudan. IAF C-130J flight with 116 passengers is en route to Jeddah," tweets MEA Spokesperson Arindam Bagchi #OperationKaveri
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(Video: Arindam Bagchi) pic.twitter.com/om6GOHx6i6 — ANI (@ANI) May 2, 2023
राज्य गृह मंत्री एयरपोर्ट पहुंचें
हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान सांघवी ने कहा कि 231 में 208 लोग गुजरात के निवासी हैं। 13 पंजाब और 10 राजस्थान के रहने वाले हैं। राज्य सरकार ने उन सभी लोगों को हवाईअड्डे से उनके गणतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए परिवहन व्यवस्था की सुविधा प्रदान की है। सांघवी ने बताया कि कम से कम गुजरात के 360 लोग सूडान में रह रहे थे, जिन्हें ऑपरेशन कावेरी के तहत स्वदेश वापस लाया गया है। राजकोट के रहने वालों को एयरपोर्ट से उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पांच बसों का इंतजाम किया गया है। सूडान से लौटे 10 बीमार बुजुर्ग नागरिकों के लिए मेडिकल की टीम को भी हवाईअड्डे पर भेजा गया था।
नागरिकों ने सरकार का धन्यवाद किया
हवाईअड्डे पर पहुंचने के बाद नागरिकों ने राज्य और केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। अफ्रीकी देश में व्यापार करने वाले राजकोट के एक निवासी ने कहा कि सूडान में स्थिति बिगड़ती जा रही है और हम वहां डर के साथ जी रहे थे। हम रोज बम ब्लास्ट की आवाजें सुनते थे। हालांकि, सुडान की सेना या विद्रोहियों द्वारा नागरिकों को किसी भी प्रकार का हानि नहीं पहुंचाया गया था, लेकिन जेल से भागे अपराधी लोगों के घरों और दुकानों पर कब्जा कर रहे थे। स्थिति में सुधार होने तक हमारे पास यहां आने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था।
ऑपरेशन कावेरी के तहत सूडान के खार्तुम और अन्य युद्ध क्षेत्र से भारत अपने नागरिकों को बसों के द्वारा वहां से बाहर निकालकर पोर्ट सूडान पहुंचा रहा है। वहां से सभी नागरिकों को भारतीय वायु सेना के भारी-भरकम परिवहन विमान और भारतीय नौसेना के जहाज के द्वारा साऊदी अरब के जेद्दा में पहुंचाया जा रहा है। जेद्दा से नागरिकों को कमर्शियल उड़ानों या फिर वायु सेना के एयरक्राफ्ट द्वारा भारत लाया जा रहा है। सूडान में देश की सेना और एक अर्धसैनिक समूह के बीच चल रहे गृहयुद्ध में अबतक 400 लोगों की मौत हो चुकी है।
खार्तूम में भारतीय दूतावास को अस्थायी रूप से पोर्ट सूडान में स्थानांतरित
ऑपरेशन कावेरी के तहत 20 भारतीय सूडान से रवाना हुए। ये ऑपरेशन कावेरी के तहत सूडान से भारत लौटने वाले भारतीयों का 19वां जत्था है। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि खार्तूम शहर में हमलों और सूडान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि खार्तूम में भारतीय दूतावास को अस्थायी रूप से पोर्ट सूडान में स्थानांतरित कर दिया जाए।