ऑपरेशन कमल: सीएम बीएस येदियुरप्पा को झटका, कर्नाटक हाईकोर्ट ने दी जांच की अनुमति
- सीएम येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव ने खुदकुशी की कोशिश की थी।
- सचिव संतोष ने राज्य में ऑपरेशन कमल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
विस्तार
ऑपरेशन कमल कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा की गले की फांस बन गया है। अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऑपरेशन कमला से जुड़े मामले में सीएम बीएस येदियुरप्पा और उनके पूर्व मीडिया सलाहकार एमबी मारमकल के खिलाफ जांच की अनुमति दे दी है।
Karnataka High Court grants permission for investigation in FIR filed against BS Yediyurappa & his former media advisor MB Maramkal in connection with "Operation Kamala".
— ANI (@ANI) March 31, 2021विज्ञापन
सीएम येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव ने की थी खुदकुशी की कोशिश
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव एनआर संतोष ने नींद की गोली खाकर जान देने की कोशिश की थी। उन्हें बंगलूरू के रमैया मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सचिव संतोष सीएम येदियुरप्पा के करीबी समझे जाते हैं। बताया जाता है कि उन्होंने राज्य में ऑपरेशन कमल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। संतोष को इस साल मई में येदियुरप्पा के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था।
क्या है ऑपरेशन कमल
ऑपरेशन कमल की शुरुआत भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने ही की थी। दरअसल 2008 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बीएस येदियुरप्पा की अगुआई में सबसे अधिक 110 सीटों पर कब्जा जमाया, लेकिन बहुमत से तीन सीट दूर रह गई। ऐसे में येदियुरप्पा 6 निर्दलीय विधायकों की मदद से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे।
लेकिन इसके बाद सदन में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए येदियुरप्पा ने 'ऑपरेशन कमल' चलाया जिसके अंतर्गत विपक्षी विधायकों को तोड़ने के लिए धनबल का इस्तेमाल किया गया। फिर सदन में भाजपा के विधायकों की संख्या 124 तक पहुंच गई। 'ऑपरेशन कमल' की बदौलत ही 2008 में मुश्किल से सत्ता में आई भाजपा पांच साल तक कर्नाटक में कायम रह सकी।