{"_id":"580845f64f1c1b672c704c8f","slug":"only-three-hospitals-odisha-are-fire-safe","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"NHRC रिपोर्ट: ओडिशा के 568 में सिर्फ 3 हॉस्पिटल हैं सुरक्षित","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
NHRC रिपोर्ट: ओडिशा के 568 में सिर्फ 3 हॉस्पिटल हैं सुरक्षित
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 20 Oct 2016 09:50 AM IST
विज्ञापन
ओडिशा हॉस्पिटल में आग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओडिशा के सम हॉस्पिटल में 21 लोगों की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स का खुद से संज्ञान लेते हुए सरकार को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही ओडिशा के मुख्य सचिव से इस घटना के बारे में विस्तुत रिपोर्ट मांगा है। आयोग ने छह हफ्ते के अंदर इसका जवाब भी मांगा है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, आयोग ने ओडिशा के मुख्य सचिव से इस घटना के बारे में विस्तुत रिपोर्ट मांगा है। इसमें मृतकों और घायलों के परिजनों को सहायता और पुनर्वास छह हफ्ते के अंदर में देने का ब्यौरा मांगा है।
वहीं एक अन्य जांच में आयोग ने पाया कि ओडिशा में चल रहे 568 हॉस्पिटल में सिर्फ तीन में आग से बचाव के लिए उचित व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, आयोग ने ओडिशा के मुख्य सचिव से इस घटना के बारे में विस्तुत रिपोर्ट मांगा है। इसमें मृतकों और घायलों के परिजनों को सहायता और पुनर्वास छह हफ्ते के अंदर में देने का ब्यौरा मांगा है।
विज्ञापन
वहीं एक अन्य जांच में आयोग ने पाया कि ओडिशा में चल रहे 568 हॉस्पिटल में सिर्फ तीन में आग से बचाव के लिए उचित व्यवस्था की गई है।
मुख्य सचिव से मांगी गई है जानकारी
फाइल फोटो
मुख्य सचिव से जानकारी मांगी गई है कि वे बताएं कि घटना के बाद सावधानी के तौर पर किस तरह के कदम उठाए गए। साथ ही राज्य सरकार ने इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए किस तरह की तैयारी की है।
आयोग ने देखा है कि प्रदेश में रोगियों के साथ कठोर रवैया अपनाया जा रहा है और अधिकारियों की कार्यप्रणाली में कमिया हैं। आयोग का कहना है कि यह चिंता का विषय है कि अथॉरिटीज किसी तरह से बिना किसी सुविधा मानकों पर खरा उतरे हॉस्पिटलों को चलने की आज्ञा दे देती है।
आयोग ने देखा है कि प्रदेश में रोगियों के साथ कठोर रवैया अपनाया जा रहा है और अधिकारियों की कार्यप्रणाली में कमिया हैं। आयोग का कहना है कि यह चिंता का विषय है कि अथॉरिटीज किसी तरह से बिना किसी सुविधा मानकों पर खरा उतरे हॉस्पिटलों को चलने की आज्ञा दे देती है।