देश के 46 प्रतिशत डॅाक्टर सिर्फ चार राज्यों में हैं तैनात
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जहां एक तरफ देश के ज्यादातर इलाके डॅाक्टरों की भारी कमी से जूझ रहे है वहीं दूसरी तरफ देश के 46 प्रतिशत पंजीकृत डॅाक्टरों को सिर्फ चार राज्यों, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र, में तैनात किया गया है। भारत में इस समय 1681 मरीजों पर सिर्फ 1 डॅाक्टर मौजूद है। डॅाक्टरों की इस कमी के चलते देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है।
डॅाक्टरों के इस विषम वितरण के चलते देश के अन्य बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि को कम डॅाक्टरों के साथ गुजारा करना पड़ रहा है। इस वजह से इन राज्यों की स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित हो रहीं हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक देश में इस समय 9.59,198 डॅाक्टर है, जिनमें से 4,36,910 (45.54 प्रतिशत) डॅाक्टर सिर्फ इन चार राज्यों में तैनात हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में इस समय कुल 1,31,554 (13.7 प्रतिशत) डॅाक्टर तैनात है। वहीं देश के उत्तर-पुर्व राज्यों में सिर्फ तीन राज्यों में ही पंजीकृत डॅाक्टर मौजुद है।
देश भर में इस समय सबसे ज्यादा मेडिकल कालेजों की संख्या भी कर्नाटक में ही मौजुद है। कर्नाटक में इस समय 50 मेडिकल कालेज जबकि महाराष्ट्र इस मामले में 48 मेडिकल कोलेजों के साथ दुसरे नंबर पर है। लेकिन अगर डॅाक्टरों की तैनाती देखें तो महाराष्ट्र में इस समय सर्वाधिक 1,53,513 डॅाक्टर तैनात हैं, जबकि कर्नाटक इस मामले में देश में तीसरे स्थीन पर है जहां 1,01,273 डॅाक्टर तैनात है।
जयपुर के एसएमएस हॅास्पिटल के एसोसिएट प्रोफेसर डॅाक्टर सिंहल ने बताया कि,"देश में इस समय जितने डॅाक्टर मौजुद है, उतने से सिर्फ हमारी न्युनतम जरुरतें ही पूरी हो सकती है। देश के लिए यह अच्छा संकेत नहीं है।'