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एक साल का डिप्लोमा कृषि से युवाओं को जोड़ेगा : राधा मोहन

Tue, 17 Jul 2018 03:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 17 Jul 2018 03:01 AM IST
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One-year diploma will add youth to agriculture : Radha Mohan

केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि देश के युवाओं को कृषि से जोड़ने के लिए एक साल का डिप्लोमा प्रारंभ करने का प्रस्ताव है। जबकि स्टूडेंट रेडी कार्यक्रम में छात्रों के कौशल विकास को अब पूरे साल के लिए शामिल किया गया है। भारतीय कृषर अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 90वें स्थापना दिवस पर वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को पुरस्कृत करने के दौरान यह घोषणा की। कृषि मंत्री ने कहा कि आईसीएआर ने देश को आयातक राष्ट्र से एक निर्यातक राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। साथ ही खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भरता और पौषणिक सुरक्षा दी है। परिषद् के कुशल वैज्ञानिकों के अनुसंधान परिणामों और किसान भाइयों की कड़ी मेहनत से आज देश में अनाज के भंडार भरे हैं।

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उन्होंने कहा कि साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के सरकार के लक्ष्य को प्राप्त  करने में भी आईसीएआर महत्वपूर्ण सहयोगी की भूमिका निभा  रहा हैढ्ढ परिषद् के सुझाव को ध्यान में रखते हुए  बजटीय आवंटन में भारी वृद्धि के अलावा  सरकार ने डेरी, कोपरेटिव, मछ्ली पालन, पशुपालन, कृषि बाजार, लघु सिचाई योजना, जलजीव प्रवंधन के आधारभूत ढांचे एवं व्यवस्था मे सुधार हेतु कई सक्षम कॉरपस फंड बनाए हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि आईसीएआर द्वारा विकसित तकनीकों और किसान भाइयों की कड़ी मेहनत के परिणाम है कि इस साल खाद्यान्न उत्पादन 275.68 मिलियन टन रहा, जो वर्ष 2013-14 में हासिल उत्पादन (265.04 मिलियन टन) के मुकाबले में लगभग 10.64 मिलियन टन ज्यादा है।
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उन्होंने कहा कि बागवानी फसलों का इस वर्ष रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है जो कि 300 के आंकडे को पार करके 305 मिलियन टन हो गया है। दलहन उत्पादन  के क्षेत्र में  भी देश आगे बढ़ रहा हैढ्ढ इस बार दालों का लगभग 23  मिलियन टन रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है, जो कि आत्म निर्भरता के काफी नजदीक है। इससे दलहन का आयात जो कि वर्ष 2016-17 में 10 लाख टन था। वह 2017-18 में घटकर 5.65 लाख टन रह गया जिससे 9775 करोड़ रूपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई।  
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उन्होंने कहा कि आईसीएआर द्वारा विकसित बासमती चावल की  पूसा बासमती 1121 किस्म से भारत को प्रति वर्ष 18 हजार करोड़ से भी अधिक की विदेशी मुद्रा मिल रही है। वर्ष 2011-14 में जहां इसके निर्यात से 62,800 करोड़ रूपये मिलते थे वहीं वर्ष 2014-18 के चार सालों में इसके निर्यात से 71,900 करोड़ रूपये की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई हैढ्ढ उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए देश के सभी 15 कृषि जलवायु क्षेत्रों को शामिल करते हुए कुल 45 एकीकृत खेती तंत्र मॉडल तैयार किए गए हैं।


कृषि मंत्री सिंह ने कहा कि आईसीएआर के 35 कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा व्यापक अभियान चलाया गया। पैंतालिस हजार किसानों में जागरूकता उत्पन्न की गई और अपशिष्ट प्रबंधन क्रियाओं पर 4,708 हेक्टेयर क्षेत्र में 1,200 लाइव डेमोस्ट्रेशन लगाये गए हैं। साथ ही कृषि आधारित 750 से भी अधिक स्टार्ट-अप तथा कृषि उद्यमिता विकसित किए गए हैं।  

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