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One Nation-One Election: कमेटी की पहली बैठक 23 सितंबर को, पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में होगी चर्चा

Sat, 16 Sep 2023 01:49 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 16 Sep 2023 01:49 PM IST
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One Nation One Electioncommittee chairman Ram Nath Kovind says First meeting will take place on 23rd September
रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला

देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावना तलाशने और सिफारिशें करने के लिए उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक 23 सितंबर को होगी। पूर्व राष्ट्रपति और समिति के अध्यक्ष रामनाथ कोविंद ने बताया कि समिति की पहली बैठक 23 सितंबर को होगी। वह एक निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए भुवनेश्वर में थे।

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इससे पहले तीन सितंबर को समिति के अध्यक्ष को शीर्ष अधिकारियों ने प्रारंभिक जानकारी दी थी। केंद्रीय कानून मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। कोविंद लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, स्थानीय निकायों के एक साथ चुनाव कराने की संभावना पर और इस सिलसिले में सिफारिशों के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष हैं।
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सरकार का फैसला क्या है?
  • इससे पहले एक देश एक चुनाव पर केंद्र सरकार ने दो सितंबर को आठ सदस्यीय समिति का गठन कर दिया था। कानून मंत्रालय ने इसे लेकर एक अधिसूचना भी जारी की थी। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय हित में देश में एक साथ चुनाव कराना वांछनीय है। ऐसे में भारत सरकार एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे की जांच करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन करती है।
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  • कानून मंत्रालय के मुताबिक, इस समिति का नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद करेंगे। साथ ही इस कमेटी में गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद, एनके सिंह, सुभाष सी कश्यप, हरीश साल्वे और संजय कोठारी सदस्य के रूप में होंगे। 
  • केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल आमंत्रित अतिथि के रूप में बैठक में हिस्सा लेंगे। कानूनी मामलों के विभाग के सचिव नितेन चन्द्र उच्च स्तरीय समिति के सचिव के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे। हालांकि, अधीर रंजन चौधरी ने खत लिखकर समिति का हिस्सा होने से इनकार कर दिया था। 

क्या है एक देश एक चुनाव की बहस?
  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 के स्वतंत्रता दिवस पर एक देश एक चुनाव का जिक्र किया था। तब से अब तक कई मौकों पर भाजपा की ओर एक देश एक चुनाव की बात की जाती रही है। ये विचार इस पर आधारित है कि देश में लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हों। 
  2. अभी लोकसभा यानी आम चुनाव और विधानसभा चुनाव पांच साल के अंतराल में होते हैं। इसकी व्यवस्था भारतीय संविधान में की गई है। अलग-अलग राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल अलग-अलग समय पर पूरा होता है, उसी के हिसाब से उस राज्य में विधानसभा चुनाव होते हैं। 
  3. हालांकि, कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ होते हैं। इनमें अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम जैसे राज्य शामिल हैं। वहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम जैसे राज्यों के चुनाव आगामी लोकसभा चुनाव से ऐन पहले होंगे। 

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