फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   One Nation One Election: Former CJI Chandrachud will meet the parliamentary committee,

One Nation One Election: संसदीय समिति से मुलाकात करेंगे पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़, 11 जुलाई को होगी अहम बैठक

Thu, 26 Jun 2025 03:08 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Thu, 26 Jun 2025 03:08 PM IST
सार

भारत के पूर्व न्यायधीश और जे एस खेहर एक राष्ट्र एक चुनाव से जुड़ें विधेयकों की जांच करने वाली समिति से मुलाकात करेंगे। इस समिति की अध्यक्षता पी. पी. चौधरी कर रहे हैं और अगली बैठक 11 जुलाई को निर्धारित की गई है।

विज्ञापन
One Nation One Election: Former CJI Chandrachud will meet the parliamentary committee,
पूर्व सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पूर्व सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ और जेएस खेहर एक साथ चुनाव कराने से जुड़े विधेयकों की जांच कर रही संसदीय समिति से मुलाकात करेंगे। यह जानकारी सूत्रों ने गुरुवार को दी। संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर संयुक्त समिति की अगली बैठक 11 जुलाई को निर्धारित की गई है। उसी दिन पैनल के सदस्य दोनों सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों के साथ बातचीत करेंगे। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: RG Kar Case: 'निचली अदालत करेगी पीड़िता के माता-पिता के अपराध स्थल पर जाने का फैसला', कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश

विज्ञापन

पीपी चौधरी कर रहें हैं समिति की अध्यक्षता 

इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद ई एम सुधर्शन नच्चियप्पन और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री व कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एम वीरप्पा मोइली भी समिति के समक्ष अपने विचार साझा करेंगे। बीजेपी सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली 39 सदस्यीय समिति समानांतर चुनावों से जुड़े दो प्रमुख विधेयकों की जांच कर रही है, जिनमें से एक संविधान संशोधन से संबंधित है। यह विधेयक पिछले साल दिसंबर में लोकसभा में पेश किए जाने के बाद समिति को भेजा गया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार का दावा और विपक्ष का आरोप

सरकार ने दावा किया कि एक साथ चुनाव कराने से विकास को बढ़ावा मिलेगा। बार-बार चुनाव कराने से विकास कार्य बाधित होते हैं और सार्वजनिक खर्च भी बढ़ता है। दूसरी ओर विपक्षी दलो ने इस विचार को असंवैधानिक और संघवाद के विरुद्ध बताया है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed