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नीरा यादव की याचिका पर सुनवाई से एक जज ने खुद को किया अलग

Mon, 28 Mar 2016 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 28 Mar 2016 11:15 PM IST
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one judge separated himself from case of neera yadav
नीरा यादव - फोटो : फाइल फोटो

नोएडा प्लॉट आवंटन में जेल की सजा काट रही उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव द्वारा सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश आरके अग्रवाल ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। अब इस मामले की सुनवाई दूसरी पीठ केसमक्ष होगी।

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सोमवार को नीरा यादव की याचिका पर न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल की पीठ के समक्ष सुनवाई होनी थी लेकिन न्यायमूर्ति अग्रवाल ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया। हालांकि न्यायमूर्ति अग्रवाल ने इसके पीछे कोई कारण नहीं बताया। जिसकेबाद पीठ ने नीरा यादव की याचिका को दूसरी पीठ केपास भेजते हुए शुक्रवार को सुनवाई की तारीख तय की है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा अपील खारिज होने केबाद 1971 बैच की आईएएस अधिकारी नीरा यादव ने गत 14 मार्च को समर्पण कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले को नीरा ने अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। साथ ही उन्होंने जमानत की भी अर्जी लगाई है।
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वर्ष 1994 और 1995 में नोएडा में हुए प्लॉट आवंटन मामले में गाजियाबाद की विशेष अदालत ने वर्ष 2012 में नीरा यादव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव कुमार को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। 1994-95 में नीरा यादव नोएडा अथॉरिटी की सीईओ थी जबकि राजीव कुमार उनके मातहत काम करते थे। नीरा यादव यूपी की पहली महिला मुख्य सचिव बनी थी। 

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