Pro-Pak slogan Case: 'गिरफ्तार किए गए सभी लोग कांग्रेस के कार्यकर्ता', कर्नाटक BJP ने बड़ा आरोप लगा कही ये बात
भाजपा ने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें दावा किया गया था कि राज्यसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ ही देर बाद सैयद नसीर हुसैन के समर्थकों को 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए सुना गया था।
विस्तार
कर्नाटक के विधान सौध में पाकिस्तान समर्थक नारे लगने का मामला गहराता जा रहा है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक दिन पहले जहां एफएसएल रिपोर्ट को लेकर हंगामा मचा रहा, तो वहीं अब भाजपा ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। उसका कहना है कि मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्ति कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं।
कर्नाटक आतंकवादियों का स्लीपर सेल बनता जा रहा
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता आर अशोक ने कहा, 'ये सभी कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं। मैं इस सरकार को बर्खास्त करने के लिए राज्यपाल से मिला था। कर्नाटक आतंकवादियों का स्लीपर सेल बनता जा रहा है। जब भी कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होती है, आतंकी गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इसलिए हम मांग कर रहे हैं कि इस सरकार को हटाना होगा।'
अयोग्य घोषित करने की मांग
उन्होंने कहा, 'हां, सौ फीसदी हम सैयद नसीर हुसैन को अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे। इसमें कोई संदेह नहीं है।'
#WATCH | Bengaluru: On the arrest of three people in connection with alleged Pro Pakistan slogans, LoP of Karnataka Assembly, R. Ashoka says, "...They are all Congress workers. I met the Governor to dismiss this government...Karnataka is becoming the sleeper cell of terrorists.… pic.twitter.com/9TKJZLSNP3
— ANI (@ANI) March 5, 2024
यह है मामला
गौरतलब है, कर्नाटक की चार सीटों पर हुए हाल ही में राज्यसभा चुनाव के नतीजों में तीन सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की, जबकि एक सीट भाजपा के खाते में गई। कर्नाटक में कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार अजय माकन, डॉ. सैयद नसीर हुसैन और जीसी चन्द्रशेखर क्रमश: 47, 46 और 46 वोटों से जीते। हालांकि, बाद में जीत के जश्न को लेकर बवाल मच गया है।
दरअसल, भाजपा ने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें दावा किया जा रहा कि राज्यसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ ही देर बाद सैयद नसीर हुसैन के समर्थकों को विधान सौध (विधानसभा) के अंदर 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए सुना गया। इसके बाद यह मामला बढ़ता गया और सरकार सख्ते में आ गई। हाल ही में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।