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करतारपुर कॉरिडोर : भारत की अपील पर पाक बोला कि हम पहले ही खोल चुके हैं
एजेंसी, नई दिल्ली/इस्लामाबाद
Updated Thu, 22 Nov 2018 09:47 PM IST
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गुरुद्वारा करतरपुर साहिब, पाकिस्तान (फाइल फोटो)
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भारत ने बृहस्पतिवार को गुरुद्वारा करतारपुर साहिब तक सिख श्रद्धालुओं की आसान पहुंच बनाने के लिए विशेष कॉरिडोर बनाने की घोषणा करने के बाद पाकिस्तान से भी ऐसा ही कदम उठाने की अपील की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जैसे ही यह जानकारी सभी को दी तो कुछ ही देर बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि उनकी सरकार पहले ही कॉरिडोर खोलने का निर्णय लेकर इसकी जानकारी भारत को दे चुकी है।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद बृहस्पतिवार को रवीश कुमार ने मीडिया से कहा कि भारत ने पाकिस्तानी सरकार से संपर्क साधा है और उन्हें सिख समुदाय की भावनाओं से अवगत कराते हुए कॉरिडोर निर्माण की अपील की है। रवीश ने कहा, हमने भारत से सिख श्रद्धालुओं की साल भर करतारपुर साहिब तक आसान और सुविधायुक्त पहुंच बनाए रखने के लिए पाकिस्तान से एक कॉरिडोर के निर्माण की अपील की है।
रवीश के इस बयान के बाद इस्लामाबाद में कुरैशी ने कहा, पाकिस्तान पहले ही बाबा गुरु नानक की 550वीं जयंती पर करतारपुर कॉरिडोर खोलने के निर्णय की जानकारी भारत को दे चुका है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, प्रधानमंत्री इमरान खान 28 नवंबर को करतारपुर में सुविधाओं के निर्माण की नींव रखने आ रहे हैं। हम इस मंगल मौके पर सिख समुदाय का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा, इस विकास से दो पड़ोसियों के बीच तनाव कम करने में मदद मिलेगी।
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पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा, प्रधानमंत्री इमरान खान सभी मुद्दों पर वार्ता के लिए लिखित प्रस्ताव भेज चुके हैं, जिसमें करतारपुरा भी है। लेकिन भारत आगे बढ़ने से इंकार करता रहा है। फैसल ने कहा, पाकिस्तान अभी तक भारतीय सिखों को इस धार्मिक समारोह (गुरु नानक जयंती) में शामिल होने के लिए 3838 वीजा उपलब्ध करा चुका है। हम अपने प्रयास जारी रखेंगे, लेकिन दूसरी तरफ से प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते हैं।
यह शांति की जीत है : पाकिस्तानी मंत्री
भारत की तरफ से करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा किए जाने पर पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इसे ‘शांति की जीत’ करार दिया और इस निर्णय के लिए भारत सरकार की सराहना की। फवाद ने ट्वीट किया, यह सही दिशा में उठाया गया कदम है और हमें उम्मीद है कि इस तरह के प्रयास सीमा के दोनों तरफ शांति की आवाज को प्रेरित करेंगे।
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केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद बृहस्पतिवार को रवीश कुमार ने मीडिया से कहा कि भारत ने पाकिस्तानी सरकार से संपर्क साधा है और उन्हें सिख समुदाय की भावनाओं से अवगत कराते हुए कॉरिडोर निर्माण की अपील की है। रवीश ने कहा, हमने भारत से सिख श्रद्धालुओं की साल भर करतारपुर साहिब तक आसान और सुविधायुक्त पहुंच बनाए रखने के लिए पाकिस्तान से एक कॉरिडोर के निर्माण की अपील की है।
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रवीश के इस बयान के बाद इस्लामाबाद में कुरैशी ने कहा, पाकिस्तान पहले ही बाबा गुरु नानक की 550वीं जयंती पर करतारपुर कॉरिडोर खोलने के निर्णय की जानकारी भारत को दे चुका है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, प्रधानमंत्री इमरान खान 28 नवंबर को करतारपुर में सुविधाओं के निर्माण की नींव रखने आ रहे हैं। हम इस मंगल मौके पर सिख समुदाय का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा, इस विकास से दो पड़ोसियों के बीच तनाव कम करने में मदद मिलेगी।
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पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा, प्रधानमंत्री इमरान खान सभी मुद्दों पर वार्ता के लिए लिखित प्रस्ताव भेज चुके हैं, जिसमें करतारपुरा भी है। लेकिन भारत आगे बढ़ने से इंकार करता रहा है। फैसल ने कहा, पाकिस्तान अभी तक भारतीय सिखों को इस धार्मिक समारोह (गुरु नानक जयंती) में शामिल होने के लिए 3838 वीजा उपलब्ध करा चुका है। हम अपने प्रयास जारी रखेंगे, लेकिन दूसरी तरफ से प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते हैं।
यह शांति की जीत है : पाकिस्तानी मंत्री
भारत की तरफ से करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा किए जाने पर पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इसे ‘शांति की जीत’ करार दिया और इस निर्णय के लिए भारत सरकार की सराहना की। फवाद ने ट्वीट किया, यह सही दिशा में उठाया गया कदम है और हमें उम्मीद है कि इस तरह के प्रयास सीमा के दोनों तरफ शांति की आवाज को प्रेरित करेंगे।