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राष्ट्रीय मतदाता दिवस: जयराम बोले- चुनाव आयोग का काम संविधान का मजाक, पीएम मोदी और शाह पर भी साधा निशाना
Sat, 25 Jan 2025 05:37 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Sat, 25 Jan 2025 05:37 PM IST
सार
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आज चुनाव आयोग के साथ-साथ पीएम मोदी और अमित शाह की जोड़ी पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का कामकाजी तरीका संविधान का मजाक बना रहा है।
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जयराम रमेश और राहुल गांधी
- फोटो : एएनआई
विस्तार
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर शनिवार को कांग्रेस ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला किया। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने इस अवसर पर एक पोस्ट में कहा कि आज बहुत सारी आत्म-बधाई दी जाएगी, वह इस तथ्य को छिपा नहीं सकती कि चुनाव आयोग का कामकाजी तरीका संविधान का मजाक बना रहा है और यह मतदाताओं का भी अपमान है।
पीएम मोदी और अमित शाह पर साधा निशाना
जयराम रमेश ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता को गंभीर रूप से कमजोर किया है। उनका कहना था कि चुनाव आयोग के कुछ फैसले अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती के अधीन हैं, और हाल ही में हरियाणा और महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों को लेकर भी चुनाव आयोग का रुख पक्षपाती नजर आया है।
साथ ही उन्होंने कहा कि 2011 से यह दिन राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, क्योंकि 75 साल पहले 25 जनवरी, 1950 को चुनाव आयोग अस्तित्व में आया था। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और इसके पहले अध्यक्ष सुकुमार सेन थे, जिनका योगदान हमारे चुनावी लोकतंत्र की नींव रखने में महत्वपूर्ण था। उन्होंने 1951-52 में भारत के पहले आम चुनाव की रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे आज भी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।
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मल्लिकार्जुन खरगे का कटाक्ष
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब हम राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहे हैं, तब पिछले दस वर्षों में भारत के चुनाव आयोग की संस्थागत अखंडता का लगातार गिरना एक गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि भारत का चुनाव आयोग और हमारा संसदीय लोकतंत्र, भले ही दशकों से सवालों के बावजूद, निष्पक्ष, स्वतंत्र और वैश्विक स्तर पर एक आदर्श बनकर उभरा है। खड़गे ने यह भी कहा कि भारत के संस्थापक नेताओं की दृष्टि के तहत सार्वभौमिक मताधिकार और पंचायत व शहरी निकायों का विस्तार किया गया था।
खरगे की चेतावनी
साथ ही खरगे ने यह चेतावनी भी दी कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में लापरवाही से तानाशाही की दिशा में बढ़ाव हो सकता है। इसलिए, हमारे संस्थानों की स्वतंत्रता की रक्षा करना लोकतंत्र को बनाए रखने और संविधान के सिद्धांतों को संरक्षित करने के लिए जरूरी है।
बता दें कि चुनाव आयोग की स्थापना दिवस के अवसर पर भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है। 25 जनवरी 1950 को भारत में चुनाव आयोग (ईसी) की स्थापना के हुई थी। यह दिन भारत के गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले आता है।
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पीएम मोदी और अमित शाह पर साधा निशाना
जयराम रमेश ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता को गंभीर रूप से कमजोर किया है। उनका कहना था कि चुनाव आयोग के कुछ फैसले अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती के अधीन हैं, और हाल ही में हरियाणा और महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों को लेकर भी चुनाव आयोग का रुख पक्षपाती नजर आया है।
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साथ ही उन्होंने कहा कि 2011 से यह दिन राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, क्योंकि 75 साल पहले 25 जनवरी, 1950 को चुनाव आयोग अस्तित्व में आया था। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और इसके पहले अध्यक्ष सुकुमार सेन थे, जिनका योगदान हमारे चुनावी लोकतंत्र की नींव रखने में महत्वपूर्ण था। उन्होंने 1951-52 में भारत के पहले आम चुनाव की रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे आज भी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।
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मल्लिकार्जुन खरगे का कटाक्ष
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब हम राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहे हैं, तब पिछले दस वर्षों में भारत के चुनाव आयोग की संस्थागत अखंडता का लगातार गिरना एक गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि भारत का चुनाव आयोग और हमारा संसदीय लोकतंत्र, भले ही दशकों से सवालों के बावजूद, निष्पक्ष, स्वतंत्र और वैश्विक स्तर पर एक आदर्श बनकर उभरा है। खड़गे ने यह भी कहा कि भारत के संस्थापक नेताओं की दृष्टि के तहत सार्वभौमिक मताधिकार और पंचायत व शहरी निकायों का विस्तार किया गया था।
खरगे की चेतावनी
साथ ही खरगे ने यह चेतावनी भी दी कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में लापरवाही से तानाशाही की दिशा में बढ़ाव हो सकता है। इसलिए, हमारे संस्थानों की स्वतंत्रता की रक्षा करना लोकतंत्र को बनाए रखने और संविधान के सिद्धांतों को संरक्षित करने के लिए जरूरी है।
बता दें कि चुनाव आयोग की स्थापना दिवस के अवसर पर भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है। 25 जनवरी 1950 को भारत में चुनाव आयोग (ईसी) की स्थापना के हुई थी। यह दिन भारत के गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले आता है।