हज सब्सिडी: विरोधियों को नकवी का जवाब- कुछ लोगों को है खिलाफत करने की आदत
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केंद्र सरकार ने मुस्लिम समुदाय को दी जाने वाली हज सब्सिडी खत्म कर दी है। फैसले का विरोध करने वालों को अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय ही नहीं उससे जुड़े कई संगठनों ने सरकार की इस पहल का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को मोदी सरकार के हर फैसले से दिक्कत होती है, क्योंकि उनके पेट में दर्द रहता है। ये विरोधी बोलते हैं कि अच्छा फैसला है, पर इनके 'लेकिन' से बहुत गलतफहमी होती है।
Almost everyone from the Muslim community has welcomed this move including many organizations.Some ppl have a habit of criticising every decision of Modi Govt,they get stomach ache.Accha faisla hai lekin.. unka 'lekin' bada confusing hota hai: MA Naqvi,Union Minister #HajSubsidy pic.twitter.com/AEguFzoW5S
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 17, 2018
दरअसल, गुरुवार को नई हज पॉलिसी पर एक मीटिंग की गई थी जिसमें अल्पसंख्यक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, एयर इंडिया और हज कमेटी के सीनियर लोग शामिल थे। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, अगले साल से हज सब्सिडी को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा और इस पैसे को शिक्षा और अल्पसंख्यकों पर खर्च किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2012 में दिए गए फैसले से पहले 650 करोड़ रुपए की हज सब्सिडी दी जाती थी। 2012 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इसे धीरे-धीरे कम किया गया। फिलहाल इसके लिए 450 करोड़ रुपए दिए जाते हैं।