आईएएस की परीक्षा पास किए बिना ही केंद्र में संयुक्त सचिव बने अफसरों के कार्यों का होगा मूल्यांकन
डीओपीटी ने लेटरल एंट्री स्कीम के जरिए संयुक्त सचिव बने अफसरों की वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट देने के लिए बुधवार को आदेश जारी किए हैं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार ने पिछले साल संयुक्त सचिव स्तर पर लेटरल एंट्री स्कीम के जरिए नौ नियुक्तियां की थीं। ये सभी लोग विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट थे। हालांकि इनकी नियुक्ति यूपीएससी ने की थी, लेकिन इन्हें आईएएस की परीक्षा पास करने से छूट दी गई थी। अब इन्हें काम करते हुए एक साल हो गया है, इसलिए इनकी वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट मांगी गई है।
इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार लेटरल एंट्री स्कीम को आगे बढ़ाएगी। मौजूदा स्थिति के मुताबिक केंद्र सरकार, विभिन्न मंत्रालयों में निदेशक और उप सचिव स्तर के साढ़े तीन सौ पदों को लेटरल एंट्री स्कीम से भरने की तैयारी कर रही है।
डीओपीटी ने लेटरल एंट्री स्कीम के जरिए संयुक्त सचिव बने अफसरों की वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट देने के लिए बुधवार को आदेश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि केंद्र सरकार में केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) के अफसरों द्वारा अपनी कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट भरने के लिए जिस फार्म का इस्तेमाल किया जाता है, लेटरल एंट्री स्कीम वाले सभी संयुक्त सचिव भी उसी फार्म को भरेंगे।
यह वार्षिक रिपोर्ट ऑनलाइन भरी जाएगी। इस रिपोर्ट में संयुक्त सचिवों द्वारा एक साल के भीतर कौन सी बड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है, कितने बड़े क्षेत्र में उनका प्रसार हुआ है और पहले के मुकाबले योजना की स्वीकृति प्रक्रिया के अंतिम स्तर पर पहुंचने में कितना समय लग रहा है, ये सब बातें देखी जाएंगी।
बजट को लेकर भी अलग से प्रोफार्मा रहेगा। यदि इन अधिकारियों के कामकाज की रिपोर्ट सरकार के मापदंडों के अनुरुप रहती है तो बहुत जल्द उप सचिव और निदेशक स्तर के पदों पर लेटरल एंट्री स्कीम के तहत नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वाणिज्य मंत्रालय, केमिकल, मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट, रेलवे, दूरसंचार, एचआरडी, हेल्थ, स्पेस तकनीक, ट्रांसपोर्ट, कृषि सेक्टर और कई दूसरे विभागों में खाली पड़े पदों को लेटरल एंट्री स्कीम के जरिए भरा जा सकता है।