फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   'Officers found excuse of CM's order, not picking up MLAs' phone', claims Sanjeev Jha

AAP: 'अफसरों को मिला सीएम के आदेश का बहाना, नहीं उठा रहे विधायकों के फोन', संजीव झा का दावा

Thu, 07 Aug 2025 07:59 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 07 Aug 2025 07:59 PM IST
सार

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने कहा कि कुछ दिन पहले सीएम रेखा गुप्ता ने एक आदेश जारी किया था कि अगर किसी विधायक या मंत्री किसी डीएम या एसडीएम को मीटिंग में बुलाना होगा तो उसे मुख्य सचिव की अनुमति लेनी होगी।

विज्ञापन
'Officers found excuse of CM's order, not picking up MLAs' phone', claims Sanjeev Jha
Sanjeev Jha - फोटो : ANI

विस्तार

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने गुरुवार को सदन में अफसरों द्वारा फोन नहीं उठाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वह एक जिलाधिकारी को फोन कर रहे हैं, लेकिन वह उनका फोन नहीं उठा रहे हैं। ऐसे तमाम अफसरों को सीएम रेखा गुप्ता द्वारा जारी उस आदेश का बहाना मिल गया है, जिसमें कहा गया है कि विधायक या मंत्री अगर किसी डीएम, एसडीएम को बुलाना चाहते हैं तो इसके लिए मुख्य सचिव से अनुमति लेनी होगी। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि यह आदेश पूरी तरह से गलत है। ब्यूरोक्रेसी तो ऐसे ही इंतजार करती रहती है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों के काम को रोकने के लिए कैसे कोई बहाना मिल जाए? यह आदेश सदन की अवमानना भी करता है। लिहाजा विधानसभा अध्यक्ष से अपील है कि वह सरकार को अपना आदेश वापस लेने के लिए कहें।
विज्ञापन


दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने कहा कि कुछ दिन पहले सीएम रेखा गुप्ता ने एक आदेश जारी किया था कि अगर किसी विधायक या मंत्री किसी डीएम या एसडीएम को मीटिंग में बुलाना होगा तो उसे मुख्य सचिव की अनुमति लेनी होगी। यह सवाल केवल विपक्ष-पक्ष के विधायकों का नहीं है, यह किसी मंत्री का है। यह पूरे सदन का अवमानना है। मैंने इस संबंध में विशेषाधिकार का एक नोटिस दिया था। मैं उम्मीद करता हूं कि विधानसभा अध्यक्ष उस नोटिस को स्वीकार करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


संजीव झा ने कहा कि अगर इस तरह से कार्यकारिणी विधान मंडल को कंट्रोल करने लगेगा, तो जनतंत्र की पूरी परिभाषा ही खत्म हो जाएगी। संजीव झा ने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध करते हुए कहा कि हमारा संरक्षण आप ही कर सकते हैं। सदन के संरक्षण की जिम्मेदारी और दायित्व विधानसभा अध्यक्ष के हाथ में है। इस तरह का आदेश इस सदन की अवमानना है। अगर यह सदन की अवमानना है तो यह विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी की भी अवमानना है।


संजीव झा ने कहा कि कोई भी ऐसा आदेश जिससे विधान मंडल को नीचा दिखाने की कोशिश की जाए, चूंकि जनतंत्र में जनता अपना प्रतिनिधि चुनती है और जनतंत्र व संविधान में सबसे सुप्रीम जनता है। ऐसे में जनता की इच्छा का अपमान करना, संविधान का अपमान करने के बराबर है। व्यूरोक्रेसी ऐसे ही इंतजार करती रहती है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों के काम को कैसे रोकें? सीएम द्वारा जारी आदेश सिद्ध कर रहा है कि इस आदेश के बाद डीएम, एसडीएम का फोन नहीं उठाने का एक बहाना मिल जाएगा और मेरा फोन डीएम नहीं उठा रहा है। सीएम का आदेश गलत है। सरकार इस आदेश को तत्काल वापस ले।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed