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Odisha: जाजपुर में 12वीं के छात्र ने जहर खाकर जान दी; परिवार बोला- स्कूल ने प्रताड़ित किया, अपमान नहीं सह पाया
Wed, 07 Aug 2024 12:36 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जाजपुर(ओडिशा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जाजपुर(ओडिशा)
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Wed, 07 Aug 2024 12:36 AM IST
सार
ओडिशा के जाजपुर में 12वीं क्लास ने जहर खाकर जान दे दी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि स्कूल वालों ने चोरी का झूठा आरोप लगाकर उसे प्रताड़ित किया। जिसके कारण छात्र ने जान दे दी।
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छात्र ने जहर खाकर जान दे दी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ओडिशा के जाजपुर जिले में जहर खाकर 17 साल के छात्र ने जान दे दी। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर छात्र को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
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12वीं का छात्र आशीष कुमार पांडा एक आवासीय विद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। सोमवार शाम उसने अपने घर में कथित तौर पर जहर खा लिया। जिसके बाद आशीष को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। आशीष के पिता ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ पुलिस से शिकायत दर्ज करवाई है।
छात्र पर लगाया मोबाइल चुराने का आरोप
आशीष पर हॉस्टल के एक छात्र का मोबाइल फोन चुराने का आरोप था। आशीष के परिवार के मुताबिक, 4 अगस्त की सुबह रेनेसां हायर सेकेंडरी स्कूल से फोन आया था और स्कूल के अधिकारियों ने कहा कि आशीष ने हॉस्टल में अपने एक रूममेट का मोबाइल चुरा लिया है।
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मृतक छात्र के पिता बंका बिहारी पांडा ने बताया, ‘हम लगभग 10 बजे स्कूल पहुंचे और हमारा बेटा बहुत तनाव में दिख रहा था और उसने खुद को निर्दोष बताया। स्कूल अधिकारियों ने हमें आशीष को घर ले जाने के लिए कहा। जब हमने उनसे चोरी की घटना का सीसीटीवी फुटेज मांगा तो वो नहीं दिखा पाए।”
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पांडा ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को स्कूल प्रशासन ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। मेरा बेटा अपमान नहीं सह पाया और आत्महत्या कर ली। फिलहाल छात्र के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
आत्महत्या के मामले में 66 फीसदी पुरुष
देश में आत्महत्या के पिछले एक दशक के आंकड़े उठाकर देखें तो साफ पता चलता है कि इसमें पुरुषों, विशेषकर विवाहित पुरुषों के मामले अधिक रहते हैं। एनसीआरबी के साल 2015 में प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के आकलन में विशेषज्ञों ने पाया था कि शादीशुदा महिलाओं की तुलना में विवाहित पुरुषों के आत्महत्या की आशंका अधिक होती है। पुरुषों के कुल आत्महत्या के केस में विवाहितों की संख्या सबसे अधिक 66 फीसदी, अविवाहित 21% जबकि विधुर-तलाकशुदा की संख्या 3% है।