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Kalinga Nagar Tension: ओडिशा के कलिंग नगर में तनाव; विस्थापित परिवारों के 'उत्पीड़न' पर BJD नेता ने CM को घेरा
Thu, 30 Jan 2025 05:24 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर/जाजपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर/जाजपुर
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 30 Jan 2025 05:24 AM IST
सार
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मंगलवार को नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) के गेट पर हुई, जब विस्थापित परिवार प्रदर्शन कर रहे थे। इस झड़प में घायल हुईं झरना मोहंता ने आरोप लगाया कि जिन स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन दी थी, उन्हें वादे के मुताबिक नौकरी और अन्य सुविधाएं नहीं दी गईं।
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बीजद नेता और सीएम माझी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ओडिशा के जाजपुर जिले के कलिंग नगर औद्योगिक परिसर में बुधवार को एक स्टील कंपनी के सुरक्षाकर्मियों और वहां से विस्थापित परिवारों के बीच हाथापाई हो गई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस मामले को लेकर बीजेडी नेता प्रीतिरंजन घराई ने सीएम मोहन चरण माझी का घेराव किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मंगलवार को नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) के गेट पर हुई, जब विस्थापित परिवार प्रदर्शन कर रहे थे। इस झड़प में घायल हुईं झरना मोहंता ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने आंदोलनकारियों पर हमला किया, जो एनआईएनएल परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन दी थी, उन्हें वादे के मुताबिक नौकरी और अन्य सुविधाएं नहीं दी गईं।
आंदोलनकारियों की समस्याओं का हल करने के लिए बातचीत जारी: डीआईजी
क्षेत्र का दौरा करने के बाद, डीआईजी (सेंट्रल रेंज) चरण सिंह मीना ने कहा कि आंदोलनकारियों की समस्याओं को हल करने के लिए बातचीत की जा रही है। वहीं, जिला कलेक्टर पी अन्वेषा रेड्डी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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2006 में भी पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे 13 आदिवासी
बता दें कि 2006 में टाटा स्टील की फैक्ट्री के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा था, तब कथित तौर पर पुलिस की गोलीबारी में 13 आदिवासी मारे गए थे। आदिवासी परियोजना के लिए अपनी भूमि देने को तैयार नहीं थे।
बीजेडी नेता प्रीतिरंजन ने सीएम से मांगा स्पष्टीकरण
घटना के बाद, बीजेडी नेता प्रीतिरंजन ने भुवनेश्वर में एक कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब एक आदिवासी नेता राज्य सरकार का नेतृत्व कर रहा है, तो आदिवासी लोगों को शारीरिक यातना कैसे दी जा सकती है? हम सीएम से स्पष्टीकरण चाहते हैं।
घटना के बाद आईएनएल ने दी सफाई
इस बीच, एनआईएनएल ने एक बयान में कहा कि कुछ व्यक्तियों ने 28 जनवरी को नीलांचल इस्पात संयंत्र में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और हाथापाई हुई। परिणामस्वरूप लोगों को चोटें आईं। एनआईएनएल ने दावा किया कि वह पुनर्वास कॉलोनियों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विकास, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, और समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए काम कर रहा है।
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अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मंगलवार को नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) के गेट पर हुई, जब विस्थापित परिवार प्रदर्शन कर रहे थे। इस झड़प में घायल हुईं झरना मोहंता ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने आंदोलनकारियों पर हमला किया, जो एनआईएनएल परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन दी थी, उन्हें वादे के मुताबिक नौकरी और अन्य सुविधाएं नहीं दी गईं।
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आंदोलनकारियों की समस्याओं का हल करने के लिए बातचीत जारी: डीआईजी
क्षेत्र का दौरा करने के बाद, डीआईजी (सेंट्रल रेंज) चरण सिंह मीना ने कहा कि आंदोलनकारियों की समस्याओं को हल करने के लिए बातचीत की जा रही है। वहीं, जिला कलेक्टर पी अन्वेषा रेड्डी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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2006 में भी पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे 13 आदिवासी
बता दें कि 2006 में टाटा स्टील की फैक्ट्री के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा था, तब कथित तौर पर पुलिस की गोलीबारी में 13 आदिवासी मारे गए थे। आदिवासी परियोजना के लिए अपनी भूमि देने को तैयार नहीं थे।
बीजेडी नेता प्रीतिरंजन ने सीएम से मांगा स्पष्टीकरण
घटना के बाद, बीजेडी नेता प्रीतिरंजन ने भुवनेश्वर में एक कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब एक आदिवासी नेता राज्य सरकार का नेतृत्व कर रहा है, तो आदिवासी लोगों को शारीरिक यातना कैसे दी जा सकती है? हम सीएम से स्पष्टीकरण चाहते हैं।
घटना के बाद आईएनएल ने दी सफाई
इस बीच, एनआईएनएल ने एक बयान में कहा कि कुछ व्यक्तियों ने 28 जनवरी को नीलांचल इस्पात संयंत्र में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और हाथापाई हुई। परिणामस्वरूप लोगों को चोटें आईं। एनआईएनएल ने दावा किया कि वह पुनर्वास कॉलोनियों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विकास, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, और समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए काम कर रहा है।