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Odisha: बंगाल में सख्ती के बाद ओडिशा में घुस सकते हैं बांग्लादेशी घुसपैठिए, सरकार ने सीमा पर बढ़ाई निगरानी
Fri, 29 May 2026 03:32 PM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, भुवनेश्वर
पीटीआई, भुवनेश्वर
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 29 May 2026 03:32 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद ओडिशा सरकार ने सीमावर्ती जिलों में अलर्ट जारी किया है। बालासोर और मयूरभंज में पुलिस कड़ी निगरानी रख रही है। समुद्री रास्तों पर भी गश्त बढ़ा दी गई है। सरकार अवैध रूप से रह रहे लोगों को बाहर निकालने की तैयारी में है।
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घुसपैठियों पर नकेल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ओडिशा सरकार ने पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने घुसपैठियों को पहचानने और उन्हें बाहर निकालने की नीति अपनाई है। इसके बाद ओडिशा में बांग्लादेशी घुसपैठियों के आने की आशंका बढ़ गई है। राज्य सरकार ने विशेष रूप से बालासोर और मयूरभंज जिलों के अधिकारियों को सावधान रहने को कहा है। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हकीमपुर चेकपोस्ट पर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक देखे गए हैं। इस जानकारी के बाद ही ओडिशा सरकार ने यह कदम उठाया है।
क्या बोले अधिकारी?
पूर्वी रेंज के डीआईजी पिनाक मिश्रा ने बताया कि पश्चिम बंगाल के भीतर संदिग्ध घुसपैठियों की हलचल शुरू हो गई है। उनके ओडिशा में घुसने की पूरी संभावना है। इसे रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है और जरूरी कदम उठा रही है। सीमा पर निगरानी तेज कर दी गई है। पुलिस ने 10 थानों को अलर्ट किया है। इनमें से दो थानों को बहुत संवेदनशील माना गया है। इन जगहों से घुसपैठ की सबसे ज्यादा संभावना है, इसलिए वहां विशेष नजर रखी जा रही है।
डीआईजी ने कहा कि केंद्र सरकार के भी निर्देश हैं कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें कानून के हिसाब से वापस भेजा जाए। संदिग्ध लोगों से मिले दस्तावेजों को जांच के लिए पश्चिम बंगाल भेजा गया था। हालांकि, वहां के जिला प्रशासन ने अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। बालासोर और मयूरभंज जिले सीधे तौर पर पश्चिम बंगाल से जुड़े हैं। बालासोर के भोगराई और जलेश्वर ब्लॉक पश्चिम बंगाल के कई जिलों की सीमा को छूते हैं। मयूरभंज की पूर्वी सीमा का एक हिस्सा भी पश्चिम बंगाल से लगता है।
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ये भी पढ़ें: डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट नीति का असर: बंगाल में 11 होल्डिंग सेंटर, 335 संदिग्ध हिरासत में; प्रशासन अलर्ट मोड पर
समुद्री रास्तों पर भी बढ़ाई गई निगरानी
समुद्री रास्तों से घुसपैठ रोकने के लिए समुद्री पुलिस थानों को भी अलर्ट किया गया है। केंद्रपाड़ा, भद्रक और जगतसिंहपुर जिलों में समुद्री गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस समुद्र में 30 से 50 नॉटिकल मील तक रात में भी पहरा दे रही है। समुद्र से गुजरने वाली नावों में सवार लोगों के आधार कार्ड और पहचान पत्रों की जांच हो रही है। जिनके पास सही पहचान पत्र नहीं हैं, उन्हें पुलिस पकड़ रही है।
मुद्दे पर राज्य में सियासी घमासान
इस मुद्दे पर राज्य में राजनीति भी शुरू हो गई है। ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि घुसपैठिए राज्य के लिए बड़ी समस्या हैं। सरकार उन्हें पहचान कर बाहर निकालने के लिए अभियान चला रही है। दूसरी ओर, बीजेडी नेता गणेश्वर बेहेरा ने इसे छोटा मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य में घुसपैठियों की संख्या 150 से भी कम है और सरकार इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है। कानून मंत्री ने साफ किया है कि अवैध रूप से रहने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
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क्या बोले अधिकारी?
पूर्वी रेंज के डीआईजी पिनाक मिश्रा ने बताया कि पश्चिम बंगाल के भीतर संदिग्ध घुसपैठियों की हलचल शुरू हो गई है। उनके ओडिशा में घुसने की पूरी संभावना है। इसे रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है और जरूरी कदम उठा रही है। सीमा पर निगरानी तेज कर दी गई है। पुलिस ने 10 थानों को अलर्ट किया है। इनमें से दो थानों को बहुत संवेदनशील माना गया है। इन जगहों से घुसपैठ की सबसे ज्यादा संभावना है, इसलिए वहां विशेष नजर रखी जा रही है।
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डीआईजी ने कहा कि केंद्र सरकार के भी निर्देश हैं कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें कानून के हिसाब से वापस भेजा जाए। संदिग्ध लोगों से मिले दस्तावेजों को जांच के लिए पश्चिम बंगाल भेजा गया था। हालांकि, वहां के जिला प्रशासन ने अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। बालासोर और मयूरभंज जिले सीधे तौर पर पश्चिम बंगाल से जुड़े हैं। बालासोर के भोगराई और जलेश्वर ब्लॉक पश्चिम बंगाल के कई जिलों की सीमा को छूते हैं। मयूरभंज की पूर्वी सीमा का एक हिस्सा भी पश्चिम बंगाल से लगता है।
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समुद्री रास्तों पर भी बढ़ाई गई निगरानी
समुद्री रास्तों से घुसपैठ रोकने के लिए समुद्री पुलिस थानों को भी अलर्ट किया गया है। केंद्रपाड़ा, भद्रक और जगतसिंहपुर जिलों में समुद्री गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस समुद्र में 30 से 50 नॉटिकल मील तक रात में भी पहरा दे रही है। समुद्र से गुजरने वाली नावों में सवार लोगों के आधार कार्ड और पहचान पत्रों की जांच हो रही है। जिनके पास सही पहचान पत्र नहीं हैं, उन्हें पुलिस पकड़ रही है।
मुद्दे पर राज्य में सियासी घमासान
इस मुद्दे पर राज्य में राजनीति भी शुरू हो गई है। ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि घुसपैठिए राज्य के लिए बड़ी समस्या हैं। सरकार उन्हें पहचान कर बाहर निकालने के लिए अभियान चला रही है। दूसरी ओर, बीजेडी नेता गणेश्वर बेहेरा ने इसे छोटा मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य में घुसपैठियों की संख्या 150 से भी कम है और सरकार इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है। कानून मंत्री ने साफ किया है कि अवैध रूप से रहने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।