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ओडिशा: पाइका नदी में देखा गया घड़ियाल, मगरमच्छ की तीनों प्रजातियों वाला पहला जिला बना केंद्रपाड़ा
Tue, 31 Aug 2021 11:38 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केंद्रपाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केंद्रपाड़ा
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 31 Aug 2021 11:38 AM IST
सार
देश में ऐसा कोई जिला नहीं है जहां पर मगरमच्छ की तीनों प्रजातियां- मगर, घड़ियाल और खारापानी मगरमच्छ पाए जाते हों। रविवार को घड़ियाल देखे जाने के बाद ओडिशा का केंद्रपाड़ा ऐसा पहला जिला बन गया है। यहां की नदियां तीनों प्रजातियों के अनुकूल हैं।
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मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ओडिशा का केंद्रपाड़ा जिला भारत का एकमात्र ऐसा जिला बन गया है, जहां पर मगरमच्छ की तीनों प्रजातियां मिली हैं। एक वन अधिकारी के मुताबिक केंद्रपाड़ा में खारापानी मगरमच्छ, घड़ियाल और मगर देखे गए हैं। बता दें कि यह जिला चारों और से नदियों से घिरा हुआ है।
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1975 से शुरू किया था संरक्षण
जिले में खारापानी मगरमच्छ का संरक्षण 1975 में शुरू किया गया था। यहां के भितनकनिका नेशनल पार्क में 1768 मगरमच्छ मौजूद हैं। डिवीजनल फॉरेस्ट अधिकारी जेडी पती ने बताया कि पूरे भारत के 70 प्रतिशत खारापानी मगरमच्छ केंद्रपाड़ा जिले में ही पाए जाते हैं और तीनों प्रजातियों के पाए जाने वाला यह एक मात्र जिला बन गया है।
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रविवार को देखा गया घड़ियाल
ओडिशा की पाइका नदी में पहली बार रविवार को घड़ियाल को देखा गया था। इससे पहले 2016 में 14 फीट लंबा मगर भी देखा गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि घड़ियाल और मगर को देखे जाने के बाद यह साफ हो गया है कि यहां की नदियां मरगमच्छ की तीनों प्रजातियों के रहने के लिए अनुकूल हैं।
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