ओडिशा की छात्रा के साथ दुर्गापुर में दरिंदगी: मां का आरोप- मित्र ने नहीं दिया साथ, भाजपा-TMC के बीच जुबानी जंग
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में ओडिशा की एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हुए। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के लिए इंसाफ और दोषियों के लिए सजा की पुकार तेज हो गई है। आइए जानते है कि मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
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पश्चिम बंगाल से एक बार फिर दिल-दहलाने वाली घटना सामने आई, जिसने सीएम ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था पर सैकड़ों सवाल खड़े कर दिए। सवाल ये भी उठ रहे है कि ममता के राज में उनकी ही राज्य की महिलाएं कितनी सुरक्षित है? घटना की बात करें तो राज्य के दुर्गापुर स्थित निजी मेडिकल कॉलेज में एक छात्रा के साथ कुछ दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। कुछ महीने पहले आरजी कर में एक महिला डॉक्टर से साथ हुए दुष्कर्म की घटना और अब इस घटना ने फिर ममता सरकार की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में लाकर रख दिया है।
बता दें कि यह घटना शुक्रवार रात दुर्गापुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के बाहर हुई, जब ओडिशा के बालासोर जिले की जलेसर की सेकंड ईयर में पढ़ने वाली छात्रा अपने एक दोस्त के साथ बाहर खाना खाने गई थी। इसी दौरान आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। फिलहाल पीड़िता का इलाज पास के अस्पताल में चल रहा है।
खबर सुन दुर्गापुर पहुंचे माता-पिता
उधर, घटना की खबर सुनते ही पीड़िता के माता-पिता दुर्गापुर पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए छात्रा के माता-पिता ने कहा कि वे अपनी बेटी के दोस्तों का फोन आने के बाद आज सुबह दुर्गापुर पहुंचे। छात्रा के पिता ने कहा हम आज सुबह यहां आए और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात लगभग दस बजे उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, जब वह अपनी मित्र के साथ रात के खाने के लिए कॉलेज परिसर से बाहर गई थी।
छात्रा के दोस्त ने बीच रास्ते में छोड़ा, फिर..
पुलिस ने बताया कि घटना शुक्रवार रात उस वक्त हुई जब छात्रा अपनी मित्र के साथ डिनर के लिए कॉलेज कैंपस के बाहर गई थी। परिवार वालों का आरोप है कि पीड़ता के दोस्त ने उसे बीच रास्ते में छोड़ दिया, जिसके बाद तीन अज्ञात लोगों ने उसका फोन छीना और पास के जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
छात्रा की मां ने बताया कि उनकी बेटी को धमकी भी दी गई कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो अंजाम बुरा होगा। आरोपियों ने छात्रा से मोबाइल वापस देने के बदले पैसे की भी मांग की। छात्रा के परिवार वालों ने शनिवार सुबह दुर्गापुर पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दुर्गापुर कमिश्नरेट के डीसी (ईस्ट) अभिषेक गुप्ता ने कहा कि यह संवेदनशील मामला है, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। जैसे ही और जानकारी मिलेगी, साझा की जाएगी।
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दुर्गापुर स्थित निजी मेडिकल कॉलेज में छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म मामले में जहां एक ओर सवाल सुरक्षा पर खड़े हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अब आरोप-प्रत्योरोप का बाजार भी बेजोड़ गर्म हो गया है। मामले में ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी ने दुख जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या बोला सीएम माझी ने?
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक उड़िया छात्रा के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर चिंता जताई। साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री माझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह घटना अत्यंत निंदनीय और दर्दनाक है। उन्होंने ममता बनर्जी से कानून के तहत सख्त कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने पीड़िता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की और अधिकारियों को पश्चिम बंगाल सरकार से संपर्क कर मदद करने के निर्देश दिए। इस दौरान माझी ने इस बात का भी आश्वासन दिया कि ओडिशा सरकार पीड़िता के परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
भाजपा ने ममता सरकार की सुरक्षा पर उठाए ढेरो सवाल
इस मामले को लेकर अब राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पीड़िता ने बयान में वासिफ अली और उसके साथियों के नाम लिए हैं। वहीं भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पीड़िता के पिता से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया और जरूरत पड़ने पर इलाज के लिए कोलकाता शिफ्ट करने की सलाह दी।
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राष्ट्रीय महिला आयोग ने क्या कहा?
राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम पीड़िता से मिलने अस्पताल पहुंची। आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस सक्रिय भूमिका नहीं निभा रही है। यह बहुत दुखद है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जांच जारी है, हमें धैर्य रखना चाहिए। वहीं, वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फोरम (डब्ल्यूबीडीएफ) ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा कैंपस में भी नहीं है।