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सीजेपी प्रदर्शन: एआई से फर्जी फोटो बना लगाए आपत्तिजनक पोस्टर, महिला ने दर्ज कराई एफआईआर, दीपके समेत चार का नाम
Fri, 25 Sep 2026 04:04 AM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Fri, 25 Sep 2026 04:04 AM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के नाम हैं, लेकिन इन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है।
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अभिजीत दीपके
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
दिल्ली पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान उसकी निजी तस्वीर को एआई और फेस-स्वैप टूल की मदद से फर्जी तस्वीर में बदलकर बैनर-पोस्टर में इस्तेमाल किया गया। महिला ने धमकाने, छेड़छाड़, अमर्यादित नारे लगाने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप लगाए हैं। एफआईआर में अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के नाम दर्ज हैं, हालांकि उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है।
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साइबर पुलिस थाने में दर्ज कराई शिकायत
महिला ने दिल्ली के साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने उसकी निजी तस्वीर का गलत इस्तेमाल किया।
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AI और फेस-स्वैप टूल से फर्जी तस्वीर बनाने का आरोप
महिला का आरोप है कि उसकी फोटो को एआई और फेस-स्वैप टूल की मदद से एक सनसनीखेज और फर्जी तस्वीर में बदला गया। उसके मुताबिक, इस तस्वीर का इस्तेमाल उसकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया।
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जंतर-मंतर पर लगाए गए बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन के आयोजकों ने इस फर्जी तस्वीर के बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर बनाकर जंतर-मंतर पर लहराए। इसके साथ ही उसके खिलाफ अमर्यादित नारे लगाए गए।
वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने का भी आरोप
महिला का यह भी आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान वीडियो बनाए गए और उन्हें सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया गया। महिला ने कहा है कि इस पूरी घटना से उसकी सामाजिक छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
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प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं होने का दावा
महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसका सीजेपी या जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है। उसका आरोप है कि बिना उसकी सहमति के उसकी तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। महिला ने कहा है कि उसकी निजी तस्वीर का इस तरह इस्तेमाल उसकी सहमति के बिना किया गया, जिससे उसकी गरिमा को ठेस पहुंची और उसकी छवि खराब हुई।