संसद में इंदिरा गांधी की दो बहुओं का शपथ ग्रहण, देवरानी को तालियां तो जेठानी के हिस्से खामोशी
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मंगलवार को संसद भवन में एक ऐसा लम्हा देखने को मिला, जो बहुत निराला था। उनके बीच रिश्ता देवरानी और जेठानी का था। अगर खानदान की बात करें तो दोनों इंदिरा गांधी की बहू हैं। एक यूपीए चेयरपर्सन हैं तो दूसरी भाजपा की सांसद। इत्तेफाक कुछ ऐसा रहा कि शपथ ग्रहण के लिए पहले जेठानी यानी सोनिया गांधी का नाम पुकारा गया, इसके फौरन बाद मेनका गांधी का बुलावा आया।अगर दोनों की चुस्ती-फुर्ती को देखें तो आज सोनिया ही मेनका पर भारी पड़ती दिखीं। दोनों ने हिंदी में शपथ ली।एक फर्क ये रहा कि जब सोनिया गांधी शपथ लेने आई तो सदन में कुछ खामोशी सी छा गई। दूसरी ओर, मेनका गांधी के शपथ ग्रहण के दौरान जमकर तालियां बजी।
सोनिया गांधी ने जब शपथ ली तो उनके बेटे और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी सदन में मौजूद थे। राहुल और सोनिया गांधी साथ-साथ बैठे थे। सदन में मौजूद कई सदस्यों को लग रहा था कि सोनिया गांधी अंग्रेजी में शपथ लेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने सदन के स्टाफ से कहा, उन्हें हिंदी में लिखा पत्र दिया जाए। सोनिया के शपथ लेने से पहले सदन में हंसी का माहौल था, लेकिन जैसे ही वे शपथ लेने के लिए मंच पर आई तो सदन में शांति छा गई। उनके शपथ लेने के दौरान एक सांसद ने यह टिप्पणी जरूर कर दी कि हिंदी में शपथ।
शपथ लेने के बाद सोनिया गांधी जिस तेजी से लोकसभा अध्यक्ष की ओर बढ़ीं, वह उन अटकलों पर विराम लगाने के लिए काफी था, जिनमें सोनिया गांधी की तबीयत ज्यादा ठीक नहीं होने की बात कही जा रही थी। अध्यक्ष का अभिवादन करने के बाद वे उनके पीछे से चक्कर लगाते हुए अपनी सीट पर आ बैठीं। कहीं से ऐसा नहीं लगा कि कांग्रेस पार्टी को कम सीटें मिलने से सोनिया गांधी के आत्मविश्वास में कहीं कोई कमी आई हो। उनके तुरंत बाद मेनका गांधी को शपथ के लिए बुलाया गया। वे भी आज कुछ अलग ही अंदाज में दिखी। उनके कदमों में भी तेजी थी, मेनका ने भी हिंदी में शपथ ली। जब वे शपथ ले रही थी तो भाजपा सांसदों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। मेनका गांधी और सोनिया गांधी ने एक दूसरे की तरफ नहीं देखा।