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Nupur Sharma case: पैगंबर पर टिप्पणी को लेकर भारत की दो टूक, ओआईसी के बयान को बताया विभाजनकारी, पाक को भी लताड़ा

Mon, 06 Jun 2022 01:24 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 06 Jun 2022 01:24 PM IST
सार

भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पैगंबर को लेकर बयान के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। अरब के कई देशों ने इस टिप्पणी पर आपत्ति प्रकट की और भारतीय राजदूतों को तलब कर नाराजगी प्रकट की।

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Nupur Sharma case: India rejected comments by the Organisation of Islamic Cooperation, says OIC agenda divisive
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची - फोटो : एएनआई

विस्तार

पैगंबर पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ओपरेशन (OIC) के बयान की भारत ने कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस मामले में ओआईसी के सचिवालय के बयानों पर दो टूक कहा कि उसका एजेंडा विभाजनकारी है। इस विवाद में कतर, कुवैत व ईरान के बाद पाकिस्तान और सऊदी अरब भी कूद गया है। भारत ने पाकिस्तान के बयान को बेतुका बताते हुए उसे अपने घर में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर ध्यान देने की नसीहत दी है। 

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भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पैगंबर को लेकर बयान के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। अरब के कई देशों ने इस टिप्पणी पर आपत्ति प्रकट की और भारतीय राजदूतों को तलब कर नाराजगी प्रकट की। हालांकि, भाजपा ने सभी धर्मों के सम्मान की बात कहते हुए शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया है। 

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ओआईसी के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमने इस संगठन द्वारा भारत को लेकर दिए गए बयान देखे हैं। सरकार ओआईसी सचिवालय के गलत और संकीर्ण बयानों को खारिज करती है। भारत सरकार सभी धर्मों को सर्वोच्च सम्मान देती है। कुछ लोगों ने एक धार्मिक व्यक्तित्व को अपमानित करते हुए आपत्तिजनक ट्वीट और बयान दिए थे। ये विवादित बयान भारत सरकार की राय से संबद्ध नहीं हैं। आरोपियों के खिलाफ संबंधित संगठन ने कड़ी कार्रवाई की है।
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ओआईसी सचिवालय की टिप्पणी शरारतपूर्ण
बागची ने कहा कि ओआईसी सचिवालय ने एक बार फिर प्रेरित, गुमराह करने वाली और शरारती टिप्पणी की, यह दुखद है। यह केवल स्वार्थों के इशारे पर चलाया जा रहा विभाजनकारी एजेंडा है। हम ओआईसी सचिवालय को अपना सांप्रदायिक नजरिए छोड़ने और सभी धर्मों का सम्मान करने की अपील करते हैं।

पाकिस्तान ने भारतीय दूतावास प्रभारी को तलब किया
नुपुर शर्मा बयान मामले को लेकर पाकिस्तान ने सोमवार को इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के प्रभारी को तलब किया। प्रभारी से कहा गया कि पाकिस्तान विवादित बयान को बर्दाश्त नहीं करेगा। वह इसकी कड़ी निंदा करता है। इससे पाकिस्तान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मुस्लिमों की भावना आहत हुई है। इससे पहले पाक पीएम शहबाज शरीफ ने रविवार को नुपूर शर्मा के बयान की निंदा की और उसे नफरतपूर्ण बताया। 




सऊदी अरब ने भी जारी किया बयान
कतर, कुवैत व ईरान ने नुपुर शर्मा के बयान पर पहले ही आधिकारिक रूप से आपत्ति प्रकट की थी, लेकिन सोमवार को इसमें सऊदी अरब भी शामिल हो गया। उसने आधिकारिक बयान जारी कर आपत्ति प्रकट की।  हालांकि, सऊदी अरब ने नुपुर शर्मा के खिलाफ की गई कार्रवाई का स्वागत किया है। 


पाकिस्तान की बातें बेतुकी : भारत
पाकिस्तान के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने पाकिस्तान के बयानों और टिप्पणियों को देखा है। अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सिलसिलेवार ढंग से हनन करने वालों की बेतुकी बातों का किसी पर असर नहीं पड़ता। उसे किसी दूसरे देश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे व्यवहार पर टिप्पणी का हक नहीं है। पाकिस्तान में हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों और अहमदियों व अन्य अल्पसंख्यकों के संस्थागत उत्पीड़न की दुनिया गवाह रही है। भारत सरकार सभी धर्मों को सर्वोच्च सम्मान देती है। इसके उलट पाकिस्तान में कट्टरपंथियों की तारीफ कर उनके  स्मारक बनाए जाते हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम पाकिस्तान से आह्वान करते हैं कि वह खतरनाक प्रचार करने और भारत में सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने की कोशिश करने के बजाय अपने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करे।

ओआईसी ने बयान में यह कहा 
ओआईसी सचिवालय ने ट्विटर पर कई ट्वीट कर नुपुर शर्मा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। ओआईसी के महासचिव ने भारत के सत्तारूढ़ दल के एक व्यक्ति द्वारा दिए गए विवादास्पद बयान की कड़ी आलोचना की है। भारत में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा में बढ़ोतरी हुई है। ओआईसी ने शिक्षण संस्थाओं में हिजाब बैन और मुस्लिमों के संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि मुस्लिमों पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं।

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