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देश के 24 हाईकोर्ट में 44 फीसदी जजों की कमी

Sun, 17 Apr 2016 05:22 AM IST
अमित कुमार निरंजन/अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित कुमार निरंजन/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 17 Apr 2016 05:22 AM IST
सार

  • आरटीआई से मिली जानकारी
  • सुप्रीम कोर्ट में 31 में से 25 जज ही नियुक्त
  • सबसे ज्यादा इलाहाबाद हाईकोर्ट में 88 जजों के पद खाली

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number of judges in high courts of india हाईकोर्ट में जजों की संख्या
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

देशभर के हाईकोर्ट जजों की कमी से सूझ रहे हैं। इन अदालतों में करीब 44 फीसदी जजों के पद खाली हैं। 24हाईकोर्ट के न्यायाधीश के लिए स्वीकृत 1056 में से 465 पद खाली हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में भी स्वीकृत 31 पदों में से छह पद पर न्यायाधीश नहीं है। यह जानकारी विधि और न्याय मंत्रालय ने दिल्ली निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट हरपाल सिंह राणा को आरटीआई एक्ट के अंतर्गत दी है। मंत्रालय ने 1 मार्च, 2016 तक जजों की संख्या का ब्यौरा दिया है।

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 आरटीआई के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट में जजों की संख्या सबसे कम है। यहां स्वीकृत पद 160 हैं जबकि यहां कार्यरत न्यायाधीश सिर्फ 72 हैं और 88 पद खाली हैं। यानी यहां करीब 55 फीसदी न्यायाधीशों की कमी है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के स्वीकृत 60 पदों में 21 खाली, हिमाचल में स्वीकृत 13 में से 6 पद, जम्मू और कश्मीर में स्वीकृत 17 में से 08 पद, पंजाब और हरियाणा में स्वीकृत 85 में से 37 पद, उत्तराखंड में हाईकोर्ट में स्वीकृत 11 में से 05 न्यायाधीश के पद खाली हैं।
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इसके अलावा त्रिपुरा इकलौता ऐसा प्रदेश है जहां हाईकोर्ट में जजों के सभी पद भरे हुए हैं, यहां 4 पद स्वीकृत हैं। वहीं सिक्किम और मणिपुर में एक-एक, मेघालय में दो और केरल में तीन जजों के पद खाली हैं। हरपाल राणा का कहना है कि अगर जल्द ही जजों के खाली पदों को नहीं भरा गया तो इनकी संख्या 500 पार कर जाएगी।

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करीब तीन करोड़ केस लंबित

number of judges in high courts of india हाईकोर्ट में जजों की संख्या
सितंबर, 2015 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक हाईकोर्ट में स्वीकृत पद 1016 ही थी, जिसमें से 641 न्यायाधीश कार्यरत थे और 375 पद ही खाली थे। यानी कि करीब 37 फीसदी पद ही खाली थे। जबकि त्रिपुरा, सिक्किम, मेघालय, केरल ऐसे प्रदेश थे जहां हाईकोर्ट में न्यायाधीश के सभी पद भरे हुए थे। इसके अलावा तब सुप्रीम कोर्ट में तीन पद खाली थे। वहीं जून 2015 तक जिला व अधीनस्थ न्यायालयों में स्वीकृत 20495पदों में से 5074 जजों के पद खाली थे।

सु्प्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट समेत 24 हाईकोर्ट में करीब 41 लाख मामले लंबित हैं। इनमें सुप्रीम कोर्ट में 30सितंबर, 2015 तक लंबित मामलों की संख्या 59हजार 910 थी। जबकि 24 हाईकोर्ट में जून, 2015 तक करीब 40 लाख मामले लंबित थे। इसके अलावा जिला व अधीनस्थ न्यायालयों में 2 करोड़ 43 लाख 86 हजार 484 मामले लंबित हैं।
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