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Kerala: केरल में परमाणु ऊर्जा केंद्र बनाने पर विचार, राज्य की मांग- थोरियम भंडार का हो सकेगा इस्तेमाल
Tue, 24 Dec 2024 01:22 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 24 Dec 2024 01:22 PM IST
सार
राज्य के ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केरल सरकार ने परमाणु ऊर्जा केंद्र की मांग नहीं की है, लेकिन केंद्र सरकार से अपील की है कि वे राज्य के थोरियम भंडार का इस्तेमाल करें।
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परमाणु ऊर्जा संयंत्र
- फोटो : पीआईबी
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विस्तार
केरल में परमाणु ऊर्जा केंद्र बनाने पर विचार किया जा रहा है। केरल के ऊर्जा मंत्री के कृष्णनकुट्टी ने तिरुवनंतपुरम में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद ही ऐसी चर्चा है कि केंद्र सरकार राज्य में परमाणु ऊर्जा केंद्र स्थापित करने पर विचार कर सकती है। हालांकि इसके लिए राज्य सरकार को भूमि उपलब्ध करानी होगी।
केरल ने थोरियम भंडार के इस्तेमाल की मांग की
केरल के ऊर्जा मंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने राज्य में थोरियम भंडार का इस्तेमाल कर बिजली उत्पादन करने की अपील की ताकि केरल के बिजली मिल सके। राज्य के ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केरल सरकार ने परमाणु ऊर्जा केंद्र की मांग नहीं की है, लेकिन केंद्र सरकार से अपील की है कि वे राज्य के थोरियम भंडार का इस्तेमाल करें। केरल में बिजली संकट गहरा रहा है और राज्य सरकार बिजली के लिए अपने हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स और पड़ोसी राज्यों से खरीदी जाने वाली बिजली पर ही निर्भर है।
केरल में बढ़ रहा बिजली संकट
हालांकि राज्य में बिजली की खपत बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि राज्य सरकार ने बिजली के विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं। हालांकि अभी केरल में परमाणु ऊर्जा केंद्र की मंजूरी के लिए कई अध्ययन होंगे और उसके बाद ही तय होगा कि परमाणु ऊर्जा केंद्र बनेगा या नहीं। साल 2030 तक केरल में बिजली की मांग बढ़कर 10 हजार मेगावाट हो सकती है। केरल सरकार ने केंद्रीय पूल से भी राज्य को और बिजली देने और राज्य का ऊर्जा ढांचा बेहतर करने में मदद देने की अपील की है। केरल का ऊर्जा ढांचा फिलहाल 4260 मेगावाट सप्लाई संभालने लायक ही है।
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केरल के ऊर्जा मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात में तलचर पावर प्लांट से राज्य को 180 मेगावाट की बजाय 400 मेगावाट बिजली देने की मांग की। केरल ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के हाई वोल्टेज डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने और इसका खर्च सभी राज्यों से लेने की भी मांग की। अभी सिर्फ दक्षिणी राज्यों से इसका खर्च लिया जा रहा है। केरल सरकार ने तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड में सभी पावर केबल्स को अंडरग्राउंड करने की भी मांग की।
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केरल ने थोरियम भंडार के इस्तेमाल की मांग की
केरल के ऊर्जा मंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने राज्य में थोरियम भंडार का इस्तेमाल कर बिजली उत्पादन करने की अपील की ताकि केरल के बिजली मिल सके। राज्य के ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केरल सरकार ने परमाणु ऊर्जा केंद्र की मांग नहीं की है, लेकिन केंद्र सरकार से अपील की है कि वे राज्य के थोरियम भंडार का इस्तेमाल करें। केरल में बिजली संकट गहरा रहा है और राज्य सरकार बिजली के लिए अपने हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स और पड़ोसी राज्यों से खरीदी जाने वाली बिजली पर ही निर्भर है।
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केरल में बढ़ रहा बिजली संकट
हालांकि राज्य में बिजली की खपत बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि राज्य सरकार ने बिजली के विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं। हालांकि अभी केरल में परमाणु ऊर्जा केंद्र की मंजूरी के लिए कई अध्ययन होंगे और उसके बाद ही तय होगा कि परमाणु ऊर्जा केंद्र बनेगा या नहीं। साल 2030 तक केरल में बिजली की मांग बढ़कर 10 हजार मेगावाट हो सकती है। केरल सरकार ने केंद्रीय पूल से भी राज्य को और बिजली देने और राज्य का ऊर्जा ढांचा बेहतर करने में मदद देने की अपील की है। केरल का ऊर्जा ढांचा फिलहाल 4260 मेगावाट सप्लाई संभालने लायक ही है।
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केरल के ऊर्जा मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात में तलचर पावर प्लांट से राज्य को 180 मेगावाट की बजाय 400 मेगावाट बिजली देने की मांग की। केरल ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के हाई वोल्टेज डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने और इसका खर्च सभी राज्यों से लेने की भी मांग की। अभी सिर्फ दक्षिणी राज्यों से इसका खर्च लिया जा रहा है। केरल सरकार ने तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड में सभी पावर केबल्स को अंडरग्राउंड करने की भी मांग की।