अत्याधुनिक हथियारों से लैस हुआ एनएसजी
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आतंक विरोधी अभियानों में सटीक एवं सफल कार्रवाई के लिए एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) को और मजबूती प्रदान की गई है। सरकार ने एनएसजी को कुछ अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराए हैं। इनमें ग्रेनेड गिराने वाला ड्रोन, 20 मीटर की मोटाई वाली दीवार के पार देख सकने वाले थ्रीडी ‘फ्लाई ऑन द वॉल’ रडार और रिमोट पिस्तौल से लैस ‘डोगो रोबोट’ जैसे हथियार शामिल हैं।
संघीय आपात बल ने इन अत्याधुनिक हथियारों को अपने उन अनुभवों के आधार पर शामिल किया है जो शहरी इलाकों के बंद क्षेत्रों में आतंकी हमलों और बंधक स्थितियों से निपटने के दौरान सामने आते हैं। दुनिया भर में इन हथियारों का इस्तेमाल विशेष सुरक्षा बलों और स्वाट (स्पेशल वेपंस एंड टैक्टिक्स) टीमों के द्वारा किया जाता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘ब्लैक कैट्स’ बल ने हाल ही में अपने शार्पशूटरों को स्नाइपर राइफलों से लैस कर दिया है। यही नहीं इस बल में जर्मन पीएसजी-1 ए-1 रायफल भी शामिल की गई है जो धड़ल्ले से एक ही बार में 20 राउंड दागती है। इससे देर तक फायर किया जा सकता है। दूर तक मार कर सकने में समर्थ और अपनी सटीकता के लिए भी इसे जाना जाता है। दूरबीन से लैस 7.2 किलोग्राम की राइफल पीएसजी-1 स्नाइपर किस्म का आधुनिक रूप है। अब तक स्नाइपर किस्म की रायफल का ही इस्तेमाल एनएसजी करता रहा है।
सुरक्षा टीम को सटीक कार्रवाई करने में मिलेगी मदद
वैसे सुरक्षा बलों द्वारा ड्रोनों या मानवरहित वायुयानों का इस्तेमाल किया जाना तो आम बात है, लेकिन इस आधुनिक सुरक्षा बल ने अपनी विशेष टीमों को जो ड्रोन मुहैया कराए हैं, उनमें स्वदेशी ‘समानांतर लॉन्चर प्रणाली’ लगी है। इसमें लगे खुफिया कैमरे की मदद से दुश्मन के क्षेत्र में छिपकर 38 मिमी के ग्रेनेड गिराए जा सकते हैं।
एनएसजी सटीकता से कार्रवाई कर सके इसके लिए इस्राइल निर्मित ‘डोगो रोबोट’ से लैस किया गया है। यह सबसे घातक और चतुर गैजेट श्रेणी के हथियारों में शुमार किया जाता है। यह कहीं भी छिपे हुए दुश्मनों की दिशा में अपने 11.5 किलोग्राम के वजन को ले जा सकता है। इसकी सहायता से कमांडर दलों को दुश्मनों की सटीक स्थिति का पता चल जाता है। यही नहीं कैमरे की मदद से यह दुश्मनों के पास मौजूद हथियारों एवं युद्धक सामग्रियों की जानकारी भी दे सकता है।
इस रोबोट को एक छोटी ग्लॉक पिस्तौल से लैस किया जा सकता है और जॉय स्टिक कंट्रोल बोर्ड की मदद से उससे गोली भी चलवाई जा सकती है। इससे कमांडो दलों को प्रतिक्रिया देने के लिए कुछ समय मिल सकता है।
20 मीटर मोटी दीवार के पार की तस्वीरें देगा थ्रीडी रडार
एनएसजी को अत्याधुनिक राडार भी मुहैया कराया गया है जो 80 डिग्री के दायरे में 20 मीटर मोटी दीवार के पार से थ्री-डी स्वरूप वाली कमांडो तस्वीरें देगा। इससे सुरक्षा टीम को सटीक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह रडार पिछले साल पठानकोट एयर बेस पर हुए हमले के दौरान एनएसजी द्वारा इस्तेमाल किए गए 2-डी प्रतिरूप का ही अत्याधुनिक स्वरूप है।