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Hindi News ›   India News ›   NRC Draft: people whose name are not in list will get benefit of government scheme for a while

एनआरसी लिस्ट में नाम ना होने पर भी कर सकेंगे मतदान, मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

Wed, 01 Aug 2018 08:54 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 01 Aug 2018 08:54 AM IST
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NRC Draft: people whose name are not in list will get benefit of government scheme for a while

एनआरसी के मामले को लेकर सत्तासीन पार्टी और विपक्ष के बीच खींचतान जारी है। वहीं फिलहाल उन लोगों के लिए राहत है जिनका नाम लिस्ट में शामिल नहीं है। उन्हें अभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके अलावा उनके पास मताधिकार भी बना रहेगा। यदि वह अपनी नागरिकता से जुड़े पर्याप्त सबूत देने में असफल रहे तो उन्हें इन सभी सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा।

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जहां एक तरफ गृह मंत्रालय ने इस बात को साफ कर दिया है कि केवल विदेशी ट्रिब्यूनल ही किसी शख्स को विदेशी करार दे सकती है। वहीं चुनाव आयोग के पूर्व कानूनी सलाहकार एसके मेंदीरत्ता का इस मामले पर अलग नजरिया है। उनका कहना है कि यदि किसी शख्स का नाम एनआरसी की फाइनल ड्राफ्ट में नहीं है लेकिन इसके बावजूद उनका नाम वोटिंग लिस्ट में मौजूद है तो ऐसे मतदाताओं को ट्रिब्यूनल में उसका केस लंबित होने पर भी संदिग्ध मतदाता या डी वोटर के तौर पर वर्गीकृत किया जाएगा।
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मेंदीरत्ता ने आगे कहा, डी वोटर्स के पास मताधिकार नहीं होता है। चुनाव आयोग ने पहले इस तरह के मतदाताओं, जिनके पास नागरिकता के लिए वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे उन्हें अपने रिकॉर्ड के लिए संदिग्ध सूची में डाला है। अब सक्षम प्राधिकारी से वैध पुष्टि के साथ एनआरसी से गायब होने वाले लोगों को संदिग्ध श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए। 
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चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फाइनल एनआरसी आने के बाद मतदाओं के स्टेटस को रिव्यू किया जाएगा। किसी शख्स को विदेशी करार देने का अधिकार केवल विदेशी ट्रिब्यूनल के पास होगा। चुनाव आयोग विदेशी ट्रिब्यूनल के निर्णय पर काम करेगा। सूत्रों ने बताया कि दूसरी सबसे बड़ी चुनौती असम से दूसरे राज्यों में लोगों के प्रवास की है।


एक अधिकारी ने कहा कि यदि आप एनआरसी ड्राफ्ट को देखेंगे तो पता चलेगा कि इसमें किसी विशेष समुदाय को निशाना नहीं बनाया गया है, जैसे कि आरोप लगाए जा रहे हैं। यह पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष अभ्यास है। यह पूरी तरह से आवेदन बेस्ड कार्य है। यदि पर्याप्त दस्तावेजों के बिना आवेदन किया जाएगा तो वह रद्द हो जाएगा। यह देखे बिना कि वह शख्स कितना प्रसिद्ध है।

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