महाराष्ट्र: भाजपा की ना से बदले समीकरण, अब सरकार बनाने के ये हैं तीन विकल्प
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महाराष्ट्र में सरकार बनाने से भाजपा ने इनकार कर दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि पार्टी महाराष्ट्र में सरकार नहीं बनाएगी। शिवसेना पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया है।
उन्होंने कहा, हमें (भाजपा-शिवसेना) एक साथ काम करने के लिए महाराष्ट्र की जनता ने जनादेश दिया था, अगर शिवसेना इसका अनादर करना चाहती है और कांग्रेस-राकांपा के साथ सरकार बनाना चाहती है तो हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। भाजपा द्वारा मना कर देने के बाद अब महाराष्ट्र में सरकार बनाने के क्या विकल्प बाकी रह गए हैं।
शिवसेना को मिले एनसीपी-कांग्रेस का समर्थन
अब पहला विकल्प शिवसेना के नेतृत्व में सरकार बनाने का है। इसके लिए शिवसेना को एनसीपी और कांग्रेस दोनों के समर्थन की जरूरत होगी। कांग्रेस-एनसीपी के पास 98 सीट हैं जबकि शिवसेना के पास 56 सीट हैं। इस गणित के साथ महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार बन सकती है।
फिर साथ आएं शिवसेना और भाजपा
चुनावों के बाद से भाजपा और शिवसेना के बीच हर दिन तल्खी बढ़ती चली गई। ऐसे में इस विकल्प की संभावना कम है। मगर माना जा रहा है कि भाजपा का सरकार नहीं बनाने का दावा शिवसेना पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया कदम हो सकता है। शिवसेना के अड़ियल रवैये के चलते इस विकल्प की संभावना कम है। दोनों के पास 161 सीट हैं।
फिर से भाजपा की सरकार
अगर भाजपा को अन्य 29 विधायकों का समर्थन मिल जाता है तो उसकी संख्या 105 से बढ़कर 134 हो जाएगी। इसमें अगर सदन से 22 विधायक अनुपस्थित रहते हैं तो 288 सीटों वाला सदन घटकर 266 का रह जाएगा और बहुमत के लिए जरूरी 134 सीटों का आंकड़ा भाजपा के पास उपलब्ध होगा।
अगर ये सभी विकल्प फैल हो जाते हैं तो फिर ऐसी स्थिति में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। राष्ट्रपति शासन लगाने के बाद महाराष्ट्र को मध्यावधि चुनाव भी झेलने पड़ सकते हैं।