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अब शिवसेना के मंत्री पर लगा हजारों करोड़ के जमीन घोटाले का आरोप

Wed, 09 Aug 2017 05:49 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला/ब्यूरो, मुंबई Updated Wed, 09 Aug 2017 05:49 AM IST
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Now the Shiv Sena's minister accused thousands of land scam
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मुंबई में झोपड़पट्टी पुनर्विकास परियोजना (एसआरए) घोटाले में गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता के घिरने के बाद अब शिवसेना नेता व उद्योगमंत्री सुभाष देसाई फंस गए हैं। दोनो मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को फिर विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष ने हंगामा किया।

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विधान परिषद  में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने आरोप लगाया है कि सुभाष देसाई के कार्यकाल में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) की 31 हजार एकड़ जमीन को डीनोटिफाई कर बिल्डरों और भू माफियाओं को हजारों करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया गया है। यह करीब 50 हजार करोड़ रुपये का घोटाला है।
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एनसीपी ने एसआईटी से तो कांग्रेस ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से इस घोटाले की जांच कराने की मांग की है। मंत्रियों के घोटाले में घिरने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक नई मुसीबत में घिर गए हैं।
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विपक्षी दल कांग्रेस-एनसीपी ने एक सुर में कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस भ्रष्टाचार के दोनों आरोपी मंत्रियों को बचा रहे हैं। जब तक सरकार दोनों मंत्रियों के इस्तीफे नहीं लेती तब तक विपक्ष दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चलने देगा।

विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि ‘मेक इन महाराष्ट्र’ के नाम पर किसानों से ली गई हजारों एकड़ जमीन ‘फेक इन महाराष्ट्र’ में गायब हो गई। देसाई ने नाहर डेवलपर्स, स्वस्तिक प्रॉपर्टीज आदि बिल्डरों को लाभ पहुंचाया है।

पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मेहता के घोटाले में जांच के लिए विपक्ष से चर्चा कर एजेंसी तय करने की बात कही थी, लेकिन अब वह मौन हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि मुख्यमंत्री दिल्ली के इशारे पर मेहता को बचा रहे हैं।

यह राणे-दर्डा का कारनामा
उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन सरकार ने बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए एमआईडीसी के आरक्षित भूखंड का आरक्षण हटाया है।


उन्होंने कहा कि तत्कालीन उद्योग मंत्री राजेंद्र दर्डा और नारायण राणे ने कुछ बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए आरक्षण दिया था। कांग्रेस अपने नेताओं का बही-खाता निकाले तो पूरा भ्रष्टाचार उजागर हो जाएगा।

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