फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Now Jammu-Kashmir and Ladakh two new Union territory exists in India

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में आज से नया निजाम, बदल गया 72 साल पुराना इतिहास

Thu, 31 Oct 2019 04:30 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Thu, 31 Oct 2019 04:30 AM IST
सार

  • सरदार पटेल की जयंती पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश
  • देश में कुल केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या नौ हुई
  • पहली बार कोई राज्य केंद्रशासित प्रदेश बना
  • सरकारी कामकाज की भाषा ऊर्दू नहीं हिंदी

विज्ञापन
Now Jammu-Kashmir and Ladakh two new Union territory exists in India

विस्तार

जम्मू-कश्मीर का इतिहास और भूगोल दोनों बुधवार और बृहस्पतिवार की दरमियानी रात से बदल गए। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश में बंट गए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार देर रात इसकी अधिसूचना जारी की।

विज्ञापन


विज्ञापन



दोनों केंद्रशासित प्रदेश देश के पहले गृहमंत्री और 560 से ज्यादा रियासतों का विलय करने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर वजूद में आए हैं। अब कुल राज्य 28 रह जाएंगे, जबकि कुल केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या नौ हो गई है। यह पहली बार है जब किसी राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




अब दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में रणबीर कानून की जगह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) की धाराएं लागू होंगी। नए जम्मू-कश्मीर में पुलिस व कानून-व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन होगी, जबकि भूमि व्यवस्था की देखरेख का जिम्मा निर्वाचित सरकार के तहत होगी। जम्मू-कश्मीर में सरकारी कामकाज की भाषा अब ऊर्दू नहीं हिंदी हो जाएगी।

नए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 107 सदस्य हैं, जिनकी परिसीमन के बाद संख्या बढ़कर 114 तक हो जाएगी। वहीं, विधायिका में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लिए पहले की तरह ही 24 सीट रिक्त रखी जाएंगी।

Now Jammu-Kashmir and Ladakh two new Union territory exists in India

बदला 72 साल पुराना इतिहास

केंद्र सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में मौजूदा साढ़े तीन लाख सरकारी कर्मचारी आने वाले कुछ माह तक मौजूदा व्यवस्था के तहत ही काम करते रहेंगे। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पांच अगस्त को 72 साल पुराना इतिहास बदलकर अनुच्छेद 370 और 35ए के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले प्रावधानों को खत्म करने का एलान किया था। इसके मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में पुडुडुचेरी जैसी विधायिका होगी, जबकि लद्दाख बिना विधायिका के चंडीगढ़ जैसा होगा।

150 से ज्यादा पुराने कानून खत्म, 100 से ज्यादा नए कानून लागू

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले 150 से ज्यादा पुराने कानून खत्म हो जाएंगे, जबकि आधार समेत 100 से ज्यादा नए कानून लागू हो गए हैं। लागू कानूनों में आधार, मुस्लिम विवाह विच्छेद, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मनरेगा, भ्रष्टाचार निवारक, मुस्लिम महिला संरक्षण और शत्रु संपत्ति शामिल हैं।

106 केंद्रीय कानून हुए लागू

केंद्र शासित प्रदेश बनते ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में संसद की ओर से पारित 106 केंद्रीय कानून तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इसमें शिक्षा का अधिकार जैसे महत्वपूर्ण कानून शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रशासित प्रदेश बनने पर जम्मू-कश्मीर के 164 प्रदेश स्तर पर बनाए गए कानून खत्म हो गए हैं, जबकि राज्य विधानसभा से पारित 166 कानूनों को यथावत रखा गया है।

Now Jammu-Kashmir and Ladakh two new Union territory exists in India

सुकून के इंतजार में है डल

राज्य पुनर्गठन की सबसे बड़ी दलील अमन बहाली दी गई है। केंद्र ने आतंकवाद, अलगाववाद और भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए पुनर्गठन को कारगर फार्मूला करार दिया है। अब देखना होगा कि अशांत रहने वाली घाटी और उसका प्रतीक केंद्र डलझील को स्थायी रूप से सुकून नसीब हो पाता है या नहीं।

अल्पसंख्यकों को मिलेंगे लाभ

जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक आयोग न होने के चलते बहुसंख्यक आबादी को अल्पसंख्यकों के लिए बनी योजनाओं का लाभ मिलता रहा है। यूटी बनते ही अल्पसंख्यक समुदाय की प्रदेश आधारित परिभाषा लागू होगी, जिसमें मुस्लिम बहुल प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अन्य समुदायों को अल्पसंख्यकों की सुविधाएं मिलेंगी।

Now Jammu-Kashmir and Ladakh two new Union territory exists in India
jammu and kashmir - फोटो : पीटीआई

ये होंगे अहम बदलाव....

पुलिस: जम्मू कश्मीर में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पद कायम रहेगा जबकि लद्दाख में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) पुलिस के मुखिया होंगे। पुलिस केंद्र के निर्देश पर काम करेगी।

हाईकोर्ट:  फिलहाल जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर और जम्मू पीठ मौजूदा व्यवस्था के तहत काम करेंगी और लद्दाख के मामलों की सुनवाई भी पहले जैसी ही होगी।

केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल: आनेवाले दिनों में भी इन दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में केंद्र सरकार के निर्देश पर ही केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होगी।

आयोग: जम्मू कश्मीर और लद्दाख में फिलहाल जो आयोग काम कर रहे थे अब उनकी जगह केंद्र सरकार के आयोग अपनी भूमिका निभाएंगे।

अफसरशाही: आईएएस, आईपीएस और दूसरे केंद्रीय अधिकारियों तथा भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो लेफ्टिनेंट गवर्नर के नियंत्रण में रहेंगे, न कि जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश की निर्वाचित सरकार के तहत काम करेंगे। भविष्य में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अफसरों की नियुक्तियां अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और संघशासित कैडर से की जाएगी।

 

Now Jammu-Kashmir and Ladakh two new Union territory exists in India
जम्मू-कश्मीर के ले. गवर्नर गिरीश चंद्र मुर्मू - फोटो : अमर उजाला

केंद्रशासित जम्मू-कश्मीर के पहले उप-राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे गिरीश चंद्र मुर्मू

गिरीश चंद्र मुर्मू आज जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। मुर्मू बुधवार को श्रीनगर पहुंच गए हैं। श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सलाहकार फारूक खान और मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मन्यम ने मुर्मू का स्वागत किया। 31 अक्तूबर को श्रीनगर में मुर्मू जम्मू-कश्मीर के पहले ले. गवर्नर के तौर पर शपथ लेंगे।

इस अवसर पर गृह विभाग के प्रधान सचिव शालीन काबरा, प्रोटोकाल विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल, पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह, मंडलायुक्त बशीर अहमद खान आदि अधिकारी मौजूद रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed