फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   Now BJP Congress start Estimating profit and loss in Madhya Pradesh assembly elections

मध्यप्रदेश चुनाव 2018: नफा-नुकसान तौलने में जुटी भाजपा-कांग्रेस 

Fri, 30 Nov 2018 08:11 AM IST
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली Updated Fri, 30 Nov 2018 08:11 AM IST
विज्ञापन
Now BJP Congress start Estimating profit and loss in Madhya Pradesh assembly elections
बीजेपी, कांग्रेस
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद जीत का ऊंट किस करवट बैठेगा इस पर भाजपा और कांग्रेस के रणनीतिकारण कई सवालों का हल ढूंढने में लगे हैं। दोनों दलों के रणनीतिकार ठीक चुनावी मौकेपर बनी सामान्य, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण समाज (सपाक्स) पार्टी के प्रदर्शन, किसानों की नाराजगी से उपजी नई सियासी परिस्थिति और बीते चुनाव की तरह इस चुनाव में भी मतदान में आए ढाई फीसदी उछाल का आकलन कर रहे हैं। दोनों ही दल चुनाव के दौरान बनी परिस्थितियों को अपने पक्ष में बता रहे हैं। 
विज्ञापन

बढ़े मतदान का अपने अपने हिसाब से आकलन कर रहे दोनों दल 

Now BJP Congress start Estimating profit and loss in Madhya Pradesh assembly elections
bjp-cong
जहां तक भाजपा का सवाल है तो इसके रणनीतिकार किसानों और अगड़ों में नाराजगी की बात स्वीकार करते हैं। हालांकि इनका दावा है कि पार्टी से अगड़ों का जो वर्ग पार्टी से नाराज हुआ, उसने विकल्प के तौर पर कांग्रेस की जगह अपाक्स को अपनाया। अगड़ों के एक तबके की नाराजगी का भाजपा को अपने पक्ष में एससी-एसटी मतदाताओं की गोलबंदी की उम्मीद बंधी है।

रणनीतिकारों का तर्क है कि करीब 39 फीसदी एससी-एसटी मतदाताओं ने देखा कि केंद्र की मोदी सरकार ने एसएस-एसटी एक्ट को इसकेमूल स्वरूप में वापस लाने के लिए संविधान संशोधन से भी पीछे नहीं हटी। इस कारण यह बड़ा वर्ग पार्टी के पक्ष में गोलबंद हुआ।

रणनीतिकार मतदान में ढाई फीसदी की बढ़ोत्तरी को एससी-एसटी वर्ग और परपंरागत मतदाताओं के आक्रामक मतदान का परिणाम मानते हैं। साथ ही यही याद दिलाते हैं कि बीते चुनाव में मतदान में ढाई फीसदी उछाल का भाजपा को बंपर लाभ हुआ है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

मतदान के बाद कई सवालों का हल ढूंढने में जुटे रहे दिग्गज 

Now BJP Congress start Estimating profit and loss in Madhya Pradesh assembly elections
दिग्विजय सिंह
भाजपा के उलट इन मुद्दों पर कांग्रेस के रणनीतिकारों का अपना तर्क है। रणनीतिकार मानते हैं कि मतदान में उछाल दरअसल अगड़ों और किसानों की राज्य सरकार के खिलाफ जबर्दस्त नाराजगी के कारण आया। इनका यह भी कहना है कि हमेशा सियासी चतुराई दिखाते हुए रणनीतिगत मतदान करने वाले अगड़े इस बार राज्य के साथ केंद्र सरकार को सबक सिखाने के मूड में थे।

ऐसे में यह वर्ग एक नामालूम से पार्टी सपाक्स को वोट देने के बदले विकल्प के रूप में कांग्रेस को चुना है। पार्टी को उम्मीद है कि नाराज अगड़े और किसानों के बड़े तबके के साथ पार्टी को दस फीसदी आबादी वाले अल्पसंख्यकों को एकमुश्त वोट मिला है। ऐसे में पार्टी का सूबे में बीते डेढ़ दशक से जीत का सूखा खत्म होने वाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed