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Ministry of Cooperation: नई पहल, देश में अब एयरलाइंस टिकटों की बिक्री कर सकेंगी 'कृषि ऋण समितियां’

Wed, 12 Feb 2025 05:31 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 12 Feb 2025 05:31 PM IST
सार

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में 'सहकारी समितियों को सशक्त करने के लिए की गई और वर्तमान में की जा रही पहलें' विषय पर सहकारिता मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की है।

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now 'Agricultural Credit Societies' will be able to sell airline tickets in the country
कृषि समितियां करेंगी टिकट बिक्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहकारिता मंत्रालय के तहत आने वाली 'प्राथमिक कृषि ऋण समितियां' (पीएसीएस), बहुत जल्द एयरलाइंस टिकटों की बिक्री कर सकेंगी। मौजूदा समय में पीएसीएस द्वारा रेलवे टिकटों की बुकिंग का काम किया जा रहा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा, केन्द्र में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद हमने सबसे पहले राज्यों के साथ मिलकर प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का डेटाबेस बनाने का काम किया है। दो लाख पीएसीएस के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस विकसित करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब देश भर की सहकारी समितियों की क्षेत्रवार जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध है। पीएसीएस के कंप्यूटरीकरण के लिए कदम उठाए गए हैं। आने वाले समय में देश की एक भी पंचायत ऐसी नहीं होगी, जहां पीएसीएस उपलब्ध नहीं हों।     

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में 'सहकारी समितियों को सशक्त करने के लिए की गई और वर्तमान में की जा रही पहलें' विषय पर सहकारिता मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की है। बैठक में केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल और मुरलीधर मोहोल, समिति के सदस्यों, केन्द्रीय सहकारिता सचिव और सहकारिता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। समिति ने बैठक में सहकारिता मंत्रालय द्वारा अपनी स्थापना के बाद से सहकारी समितियों को सशक्त करने के लिए की गई और वर्तमान में की जा रही पहलों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। 
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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर के किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के हित में सहकारिता मंत्रालय का गठन कर 'सहकार से समृद्धि' का मंत्र दिया। मोदी सरकार का मानना है कि सहकारिता के माध्यम से रोजगार सृजन और ग्रामीण क्षेत्र की समृद्धि दोनों संभव है। शाह ने कहा, देश की आजादी के कुछ वर्षों बाद तक सहकारिता आंदोलन मजबूत स्थिति में था, लेकिन बाद में ज़्यादातर राज्यों में यह कमजोर होता चला गया। केन्द्र में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद हमने सबसे पहले राज्यों के साथ मिलकर प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का डेटाबेस बनाने का काम किया है। दो लाख समितियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की है। 
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केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि पीएसीएस को व्यवहार्य बनाने के लिए बनाए गए बायलॉज को देश के लगभग सभी राज्यों ने अपनाया है। व्यवहार्य को 20 से अधिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। अब वे कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केन्द्र सहित अन्य सेवाएं प्रदान करना शुरू कर चुकी हैं। शाह ने कहा, सहकारिता मंत्रालय ने मौजूदा बजट सत्र में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के गठन के लिए विधेयक पेश किया है। जल्द ही यह संसद से पारित होगा। इस विश्वविद्यालय के गठन से सहकारी क्षेत्र में आने वाले पेशेवरों को तकनीकी शिक्षा, एकाउंटिंग और प्रशासन संबंधी जानकारी और प्रशिक्षण मिलेगा। 

उन्होंने कहा कि इससे सहकारी क्षेत्र में प्रशिक्षित मैनपावर उपलब्ध हो सकेगा। राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL), राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक लिमिटेड (NCOL) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) जैसी सहकारी संस्थाओं का गठन किया गया है। इससे सहकारी क्षेत्र में निर्यात, ऑर्गेनिक उत्पादों और उन्नत बीजों को बढ़ावा मिल सकेगा। शाह ने कहा कि इन पहलों से आगामी कुछ वर्षों में सहकारी क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि कोऑपरेटिव सेक्टर को कॉर्पोरेट सेक्टर के समान ही अवसर उपलब्ध हों। 

सहकारिता मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय, रिजर्व बैंक और आयकर विभाग के साथ मिलकर कॉर्पोरेट सेक्टर और कोऑपरेटिव सेक्टर के लिए टैक्स संरचना को एकसमान बनाने के लिए कदम उठाए हैं। शाह ने विश्वास जताया है कि देश के सहकारिता क्षेत्र से जुड़े उद्यम कॉर्पोरेट जगत के साथ स्पर्धा के साथ आगे बढ़ेंगे और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करेंगे।

अमित शाह ने परामर्शदात्री समिति को बताया कि सहकारिता से जुड़े राष्ट्रीय फेडरेशनों के त्वरित विकास के लिए कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (KRIBHCO), इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (IFFCO), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और अन्य फेडरेशनों के साथ रोडमैप बनाने पर कार्य हुआ है। गुजरात के सहकारी मॉडल का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि आज गुजरात में सहकारिता क्षेत्र में कार्य कर रहीं महिलाओं ने 7.5 लाख करोड़ प्रतिवर्ष की आय अर्जित की है। यह अपने आप में एक उपलब्धि है। 


उन्होंने कहा कि इन महिलाओं में एक चौथी पास प्रौढ़ महिला भी शामिल थी, जिसने 1.16 करोड़ रुपए का मुनाफा अर्जित कर महिला सशक्तिकरण की बहुत बड़ी मिसाल पेश की। देश में सहकारिता के विकास में क्षेत्रीय असमानता को देखते हुए सरकार सभी राज्यों में एक समान संतुलित विकास लाने के लिए विशेष कदम उठा रही है। बैठक में समिति के सदस्यों ने देश में सहकारी समितियों का सशक्तिकरण करने संबंधी मुद्दों पर अपने सुझाव दिए और सरकार द्वारा देश की सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की सराहना की।

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