बिसाहड़ा: गो हत्या के आरोप में इकलाख के भाई को राहत नहीं
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नोएडा के चर्चित बिसहड़ा कांड में मृतक एकलाख के भाई जान मोहम्मद को हाईकोर्ट ने गो हत्या के मामले में राहत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने उसके खिलाफ गोवध अधिनियम और अन्य धाराओं में दर्ज प्राथमिकी पर हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग भी नामंजूर कर दी है। जबकि एकलाख की पत्नी और बच्चों को गिरफ्तार करने पर रोक लगा दी है।
जान मोहम्मद और एकलाख की पत्नी तथा बच्चों के खिलाफ कोर्ट के आदेश से जारचा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई है। याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति पीसी त्रिपाठी की खंडपीठ ने सुनवाई की।
कोर्ट ने जान मोहम्मद पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए गिरफ्तारी पर रोक से इंकार कर दिया जबकि एकलाख की मां असगरी, पत्नी इकराम, बेटे दानिश, बेटी शाइस्ता और सोना की गिरफ्तारी पर आरोप पत्र दाखिल होने तक रोक लगा दी है।
जारचा थाने में गो हत्या का मुकदमा हुआ था दर्ज
उल्लेखनीय है कि बिसहड़ा गांव में गो मांस खाने के आरोप में एक समुदाय विशेष के लोगों ने एकलाख की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। घटना में उसका बेटा भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। हत्या के आरोप में दर्जनों लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ।
आरोपी पक्ष की मांग पर एकलाख के घर में फ्रिज से मिले मांस की फोरेंसिक जांच कराई गई। फोरेंसिक रिपोर्ट में गो मांस होने की पुष्टि होने के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने की अर्जी दी गई थी।
कोर्ट के आदेश पर एकलाख के बड़े भाई जान मोहम्मद और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ जारचा थाने में गो हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।