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Gujarat: HIV संक्रमित होने पर पदोन्नति नहीं करना CRPF कर्मचारी के साथ भेदभाव; गुजरात हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

Wed, 12 Feb 2025 11:13 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: बशु जैन Updated Wed, 12 Feb 2025 11:13 PM IST
सार

गुजरात हाईकोर्ट ने सीआरपीएफ कर्मी को पदोन्नति न मिलने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने एक महिला कर्मी को एचआईवी-एड्स से संक्रमित होने के कारण उच्च पद पर पदोन्नति नहीं दी। यह स्पष्ट रूप से कर्मचारी के साथ भेदभाव है।

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Not giving promotion if HIV infected is discrimination against CRPF employee; Gujarat HC strict comment
Gujarat High Court - फोटो : PTI

विस्तार

गुजरात हाईकोर्ट ने सीआरपीएफ कर्मी को पदोन्नति न मिलने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने एक महिला कर्मी को एचआईवी-एड्स से संक्रमित होने के कारण उच्च पद पर पदोन्नति नहीं दी। यह स्पष्ट रूप से कर्मचारी के साथ भेदभाव है। कोर्ट ने सीआरपीएफ के विधि अधिकारी को तलब किया है। 

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मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति प्रणव त्रिवेदी की खंडपीठ ने बुधवार को सीआरपीएफ की महिला कर्मी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। महिला कर्मी ने कहा कि पात्रता संबंधी अन्य मानदंड पूरा करने के बावजूद उसे पदोन्नति नहीं दी जा रही है क्योंकि वह एचआईवी-एड्स से संक्रमित है। अदालत ने निर्देश दिया कि इस मामले को भारत के प्रभारी अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के संज्ञान में लाया जाए। पीठ ने कहा कि अगली सुनवाई पर विधि अधिकारी को उपस्थित किया जाए। मामले में अगली सुनवाई छह मार्च को होगी।
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सुनवाई के दौरान सीआरपीएफ की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि नियम के अनुसार एक स्थायी आदेश पारित किया गया था। इसमें कहा गया है कि पदोन्नति के लिए उम्मीदवार को फिट होना चाहिए।  इस पर अदालत ने कहा कि यह मामला केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में एचआईवी-एड्स नामक बीमारी से पीड़ित कर्मियों के साथ भेदभाव का स्पष्ट उदाहरण पेश करता है।
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याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि महिला कर्मी को लगातार पदोन्नति से वंचित किया जा रहा है, जबकि वह अन्य सभी पहलुओं से पदोन्नति के लिए पात्र है, सिवाय इस तथ्य के कि वह संक्रामक बीमारी से पीड़ित है।

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