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Bengaluru Stampede: 'आरोप-प्रत्यारोप का खेल नहीं, कार्रवाई करेंगे'; भगदड़ की स्टेटस रिपोर्ट पर कर्नाटक सरकार
Thu, 17 Jul 2025 01:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 17 Jul 2025 01:46 PM IST
सार
4 जून को बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक घायल हो गए थे। यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जीतने पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत का जश्न मनाने के लिए लगभग 3 लाख लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी। अनहोनी के बाद कर्नाटक सरकार ने 5 जून को कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन के शीर्ष पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया था और घटना की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के तहत एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था।
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Bengaluru Stampede
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
कर्नाटक के मंत्री दिनेश गुंडू राव ने गुरुवार को साफ किया कि बंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। यह टिप्पणी 4 जून को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें संस्करण में अपना पहला खिताब जीतने के जश्न के दौरान हुई भगदड़ पर कर्नाटक सरकार की ओर से स्थिति रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद की गई।
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कर्नाटक के मंत्री ने कहा, 'यह कोई दोष मढ़ने का खेल नहीं है। अगर स्थिति को संभालने में कोई लापरवाही हुई है, तो हम कार्रवाई करेंगे। चूंकि इतने सारे लोग मारे गए हैं, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हमें रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।'
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सरकार ने स्टेटस रिपोर्ट में RCB को दोषी बताया
इससे पहले कर्नाटक सरकार ने बंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ पर गुरुवार को हाईकोर्ट में एक स्थिति रिपोर्ट पेश की। इस भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। भगदड़ को लेकर हाईकोर्ट को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में सरकार ने फ्रैंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से गंभीर चूक और कुप्रबंधन का जिक्र किया है।
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पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया था
राज्य सरकार के मुताबिक, कार्यक्रम आयोजक (डीएनए) ने कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी, बल्कि 2009 के नगर आदेश के अनुसार औपचारिक अनुमति लिए बिना ही पुलिस को 3 जून को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की विजय परेड के बारे में बता दिया गया था। इस वजह से पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। पुलिस के इनकार के बावजूद आरसीबी ने कार्यक्रम का प्रचार जारी रखा। 4 जून को उन्होंने सोशल मीडिया पर निमंत्रण साझा किए, जिसमें विराट कोहली की एक वीडियो अपील भी शामिल थी। इसमें प्रशंसकों से समारोह में शामिल होने की अपील की गई थी। सभी को फ्री प्रवेश के बारे में भी बताया गया था।
विराट कोहली के वीडियो क्लिप का भी जिक्र
स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, '4 जून 2025 को आरसीबी ने पुलिस से अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर आधिकारिक आरसीबी हैंडल पर सुबह 7:01 बजे एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें बताया गया कि लोगों के लिए नि:शुल्क प्रवेश है। इसमें लोगों को विजय परेड में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। परेड विधान सौधा से शुरू होकर चिन्नास्वामी स्टेडियम में समाप्त होने वाला था। आरसीबी की ओर से सोशल मीडिया पर दूसरी पोस्ट सुबह 8:00 बजे की गई, जिसमें इस जानकारी को दोहराया गया। इसके बाद सुबह 8:55 बजे आरसीबी ने 'एक्स' ने आरसीबी के आधिकारिक हैंडल @rcbtweets पर विराट कोहली का एक वीडियो क्लिप साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि टीम का इरादा बंगलूरू के लोगों और आरसीबी प्रशंसकों के साथ 4 जून को जीत का जश्न मनाने का है। टीम की ओर से बताया गया कि शाम 5 से 6 बजे तक विजय परेड आयोजित करने के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में जश्न मनाया जाएगा।'
पहले नि:शुल्क और फिर पास आधारित प्रवेश से भ्रम की स्थिति बनी
सरकार ने बताया कि भीड़ उम्मीदों और भीड़ प्रबंधन क्षमताओं से कहीं अधिक थी। अधिक भीड़ की वजह से आयोजन वाले दिन दोपहर 3:14 बजे आयोजकों ने अचानक घोषणा की कि स्टेडियम में प्रवेश के लिए पास की आवश्यकता होगी। यह पहले की घोषणाओं से बिल्कुल अलग था। इससे भ्रम की स्थिति बनी। राज्य सरकार ने कहा कि आरसीबी, डीएनए और केएससीए प्रभावी ढंग से समन्वय करने में विफल रहे। प्रवेश द्वारों पर कुप्रबंधन और देरी से खुलने के कारण भगदड़ मच गई, जिसके परिणामस्वरूप सात पुलिसकर्मी घायल हो गए।