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North east: दिल्ली में दिखेगी मिनी नॉर्थ ईस्ट की झलक, खेल एवं कला में करतब दिखाएंगे पूर्वोत्तर के 12000 युवा
सार
North East: असम राइफल के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने गुरुवार को बताया कि 'एकता उत्सव' पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इसे हर साल नियमित करने के बारे में विचार होगा। पहले आयोजन से मिली सीख के आधार पर अगले वर्ष का आयोजन किया जाएगा।
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असम राइफल का एकता उत्सव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पहली बार 'नॉर्थ ईस्ट' की झलक देखने को मिलेगी। 'एकता उत्सव', यह एक ऐसा अनूठा आयोजन होगा, जिसमें दिल्ली के कालेजों एवं विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले पूर्वोत्तर के लगभग 12000 छात्र हिस्सा लेंगे। ये छात्र खेल एवं कला के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। इस तरह के आयोजन को 'असम राइफल' ने पंख लगा दिए हैं। वजह, इन छात्रों को सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी 'असम राइफल' ने उठाई है। 15 फरवरी से 18 फरवरी तक खेलों का आयोजन होगा। उसके बाद 20 फरवरी को मानेकशॉ सेंटर में बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है।
'एकता उत्सव' की थीम 'एक आवाज, एक राष्ट्र' तय की गई
असम राइफल के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने गुरुवार को बताया कि 'एकता उत्सव' पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इसे हर साल नियमित करने के बारे में विचार होगा। पहले आयोजन से मिली सीख के आधार पर अगले वर्ष का आयोजन किया जाएगा। उसमें कुछ नई चीजें देखने को मिल सकती हैं। 'एकता उत्सव' में फुटबाल, बास्केट बॉल, वालीवॉल और बैडमिन्टन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके अलावा एथलेटिक्स में 100 मीटर, 400 मीटर और 800 मीटर की रिले दौड़ को शामिल किया गया है। 'टग ऑफ वॉर' का आयोजन भी होगा। प्रतिभागियों की आयु 18 से 25 वर्ष के बीच रहेगी। युवा, असम राइफल के दिल्ली कैंट स्थित परिसर में अभ्यास करने आते हैं। परिसर का मैस रात दस बजे तक खुला रहता है। युवाओं को उनकी जरुरत के हिसाब से सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने बताया, हमारे आयोजन का नाम पूर्वोत्तर एकता उत्सव है। इसकी थीम 'एक आवाज, एक राष्ट्र' है। यह पांच दिवसीय आयोजन असम राइफल और नॉर्थ ईस्ट एसोसिएशन सोशल वेलफेयर द्वारा आयोजित किया जाएगा। असम राइफल को 'पहाड़ी लोगों के मित्र' के रूप में सम्मानित किया जाता है। हमारा लक्ष्य प्रचलित रूढ़ियों को चुनौती देना है। असम राइफल और पूर्वोत्तर के बीच का मजबूत संबंध इसका प्रमाण है।
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असम राइफल के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा
दिल्ली में पूर्वोत्तर के युवाओं के बीच खेलों के क्षेत्र में संघर्ष और अनदेखी संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं। यह उत्सव, अपने घर से दूर घर की भावना का पुनर्जीवन होगा। यह आयोजन एक पुन: संपर्क और पूर्वोत्तर के युवाओं के साथ साथ कई सफल एथलीटों और इसी क्षेत्र से अन्य प्रमुख हस्तियों के बीच एक संवादात्मक सत्र है। संक्षेप में यह एकता की दृष्टि है, विशेष रूप से दिल्ली में पूर्वोत्तर के युवाओं को समर्पित, उन्हें उठाने और प्रेरित करने के लिए एक मंच प्रदान करती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम, जो 20 फरवरी को आयोजित किया जाएगा, विभिन्न संस्कृतियों की जोशीली बैठक का गवाह बनेगा। पहाड़ियों से लेकर पूर्वोत्तर के शहरों तक, एक संस्कृति और राज्यों की कहानी, जो दिल्ली की थाली में लाई गई है, हम एक जीवंत सभा की परिकल्पना करते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने कहा, पूर्वोत्तर के युवा जन्मजात खिलाड़ी हैं। विकास और प्रगति के लिए एक मंच प्रदान करके, हम उनकी क्षमताओं में एक नई आशा और आत्मविश्वास की भावना को प्रेरित करने, उन्हें दृढ़ संकल्प और स्पष्टता के साथ अपने एथलेटिक सपनों को पूरा करने के लिए सशक्त बनाने का लक्ष्य रखते हैं। यह वही सपना है, जिसे हम पूर्वोत्तर के युवाओं के लिए 'एकता उत्सव' कार्यक्रम के माध्यम से साकार करने की परिकल्पना कर रहे हैं, इस दृष्टि को वास्तविकता में बदलना।
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'एकता उत्सव' की थीम 'एक आवाज, एक राष्ट्र' तय की गई
असम राइफल के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने गुरुवार को बताया कि 'एकता उत्सव' पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इसे हर साल नियमित करने के बारे में विचार होगा। पहले आयोजन से मिली सीख के आधार पर अगले वर्ष का आयोजन किया जाएगा। उसमें कुछ नई चीजें देखने को मिल सकती हैं। 'एकता उत्सव' में फुटबाल, बास्केट बॉल, वालीवॉल और बैडमिन्टन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके अलावा एथलेटिक्स में 100 मीटर, 400 मीटर और 800 मीटर की रिले दौड़ को शामिल किया गया है। 'टग ऑफ वॉर' का आयोजन भी होगा। प्रतिभागियों की आयु 18 से 25 वर्ष के बीच रहेगी। युवा, असम राइफल के दिल्ली कैंट स्थित परिसर में अभ्यास करने आते हैं। परिसर का मैस रात दस बजे तक खुला रहता है। युवाओं को उनकी जरुरत के हिसाब से सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
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लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने बताया, हमारे आयोजन का नाम पूर्वोत्तर एकता उत्सव है। इसकी थीम 'एक आवाज, एक राष्ट्र' है। यह पांच दिवसीय आयोजन असम राइफल और नॉर्थ ईस्ट एसोसिएशन सोशल वेलफेयर द्वारा आयोजित किया जाएगा। असम राइफल को 'पहाड़ी लोगों के मित्र' के रूप में सम्मानित किया जाता है। हमारा लक्ष्य प्रचलित रूढ़ियों को चुनौती देना है। असम राइफल और पूर्वोत्तर के बीच का मजबूत संबंध इसका प्रमाण है।
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असम राइफल के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा
दिल्ली में पूर्वोत्तर के युवाओं के बीच खेलों के क्षेत्र में संघर्ष और अनदेखी संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं। यह उत्सव, अपने घर से दूर घर की भावना का पुनर्जीवन होगा। यह आयोजन एक पुन: संपर्क और पूर्वोत्तर के युवाओं के साथ साथ कई सफल एथलीटों और इसी क्षेत्र से अन्य प्रमुख हस्तियों के बीच एक संवादात्मक सत्र है। संक्षेप में यह एकता की दृष्टि है, विशेष रूप से दिल्ली में पूर्वोत्तर के युवाओं को समर्पित, उन्हें उठाने और प्रेरित करने के लिए एक मंच प्रदान करती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम, जो 20 फरवरी को आयोजित किया जाएगा, विभिन्न संस्कृतियों की जोशीली बैठक का गवाह बनेगा। पहाड़ियों से लेकर पूर्वोत्तर के शहरों तक, एक संस्कृति और राज्यों की कहानी, जो दिल्ली की थाली में लाई गई है, हम एक जीवंत सभा की परिकल्पना करते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने कहा, पूर्वोत्तर के युवा जन्मजात खिलाड़ी हैं। विकास और प्रगति के लिए एक मंच प्रदान करके, हम उनकी क्षमताओं में एक नई आशा और आत्मविश्वास की भावना को प्रेरित करने, उन्हें दृढ़ संकल्प और स्पष्टता के साथ अपने एथलेटिक सपनों को पूरा करने के लिए सशक्त बनाने का लक्ष्य रखते हैं। यह वही सपना है, जिसे हम पूर्वोत्तर के युवाओं के लिए 'एकता उत्सव' कार्यक्रम के माध्यम से साकार करने की परिकल्पना कर रहे हैं, इस दृष्टि को वास्तविकता में बदलना।