{"_id":"68fbb6cf87b978cf97025df0","slug":"nobel-peace-prize-winner-maria-corina-machado-venezuelan-says-our-main-ally-is-donald-trump-also-praise-india-2025-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maria Corina Machado: 'हमारे मुख्य सहयोगी हैं ट्रंप', नोबेल विजेता मारिया ने भारत को भी बताया भरोसेमंद","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Maria Corina Machado: 'हमारे मुख्य सहयोगी हैं ट्रंप', नोबेल विजेता मारिया ने भारत को भी बताया भरोसेमंद
Fri, 24 Oct 2025 10:56 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकास
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकास
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 24 Oct 2025 10:56 PM IST
सार
वेनेजुएला की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना माचाडो ने कहा कि मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप उनके देश की लोकतांत्रिक लड़ाई में सबसे बड़े सहयोगी हैं। उन्होंने भारत को भी लोकतंत्र का समर्थक और भविष्य का निवेश साझेदार बताया
विज्ञापन
मारिया मचाडो और डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : PTI-ANI
विस्तार
वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना माचाडो ने कहा है कि उनके देश की आजादी और लोकतंत्र की लड़ाई में मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप सबसे बड़े सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के लोग बीते दो दशकों से तानाशाही के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और अब वे अपनी संप्रभुता को किसी भी कीमत पर स्थापित करना चाहते हैं।
माचाडो ने कहा कि यह पुरस्कार वेनेजुएला की जनता के साहस और संघर्ष की पहचान है। उन्होंने कहा, "यह सम्मान मेरे देशवासियों के लिए है जिन्होंने वर्षों तक तानाशाही, मानवाधिकार उल्लंघन और आर्थिक तबाही के खिलाफ डटकर लड़ाई लड़ी।" माचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार उनके “लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन के प्रयासों” के लिए मिला है।
ट्रंप को बताया सबसे बड़ा सहयोगी
माचाडो ने कहा कि मौजूदा समय में राष्ट्रपति ट्रंप वेनेजुएला के सबसे भरोसेमंद सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य सहयोगी ताकत इस समय राष्ट्रपति ट्रंप हैं। दुनिया आज यह देख रही है कि ताकत के जरिए शांति हासिल करने की रणनीति सफल हो सकती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर शांति और लोकतंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाई है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- रूस-चीन गठजोड़ के आगे कितना सफल होंगे ट्रंप, अमेरिका के मंसूबे पूरे न होने पर क्या होगा?
भारत के प्रति जताया भरोसा
माचाडो ने भारत को महान लोकतंत्र और भविष्य के सहयोगी के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश की आवाज वेनेजुएला के लोकतांत्रिक संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिला सकती है। उन्होंने कहा कि हम भारत के लोगों पर भरोसा करते हैं कि वे हमारे देश में लोकतंत्र की बहाली और शांति की स्थापना में हमारी मदद करेंगे। माचाडो ने भविष्य में भारत को निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित करने की भी बात कही।
मेरिका और भारत की भूमिका पर विचार
माचाडो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव को बढ़ने से रोकने में सकारात्मक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोग शांति चाहते हैं और ट्रंप ने इस संघर्ष को सीमित रखने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने इसे शांति की दिशा में बड़ा कदम बताया।
वेनेजुएला की स्थिति पर चिंता
माचाडो ने कहा कि निकोलस मादुरो की सरकार ने वेनेजुएला को तबाह कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन ने मानवता के खिलाफ अपराध किए और देश की संपन्नता को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि हम शांति और स्वतंत्रता चाहते हैं, युद्ध नहीं। अब समय है कि दुनिया वेनेजुएला के लोगों की आवाज सुने।
ये भी पढ़ें- 'साल 2002 में युद्ध के मुहाने पर थे भारत और पाकिस्तान', CIA के पूर्व अधिकारी का बड़ा खुलासा
अंतरराष्ट्रीय मान्यता और जिम्मेदारी
नोबेल सम्मान मिलने पर माचाडो ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल मेरे देश के संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देता है, बल्कि यह हमें लोकतंत्र की अंतिम जीत के लिए प्रेरित भी करता है। माचाडो ने कहा कि एक बार लोकतंत्र स्थापित हो जाने के बाद वेनेजुएला भारत सहित कई देशों के लिए ऊर्जा, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में अवसर खोलेगा। उन्होंने कहा कि हम भारत में एक ऐसे सहयोगी को देखते हैं जो लोकतंत्र, स्वतंत्रता और विकास में हमारा स्थायी साथी बनेगा।
विज्ञापन
माचाडो ने कहा कि यह पुरस्कार वेनेजुएला की जनता के साहस और संघर्ष की पहचान है। उन्होंने कहा, "यह सम्मान मेरे देशवासियों के लिए है जिन्होंने वर्षों तक तानाशाही, मानवाधिकार उल्लंघन और आर्थिक तबाही के खिलाफ डटकर लड़ाई लड़ी।" माचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार उनके “लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन के प्रयासों” के लिए मिला है।
विज्ञापन
ट्रंप को बताया सबसे बड़ा सहयोगी
माचाडो ने कहा कि मौजूदा समय में राष्ट्रपति ट्रंप वेनेजुएला के सबसे भरोसेमंद सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य सहयोगी ताकत इस समय राष्ट्रपति ट्रंप हैं। दुनिया आज यह देख रही है कि ताकत के जरिए शांति हासिल करने की रणनीति सफल हो सकती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर शांति और लोकतंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाई है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- रूस-चीन गठजोड़ के आगे कितना सफल होंगे ट्रंप, अमेरिका के मंसूबे पूरे न होने पर क्या होगा?
भारत के प्रति जताया भरोसा
माचाडो ने भारत को महान लोकतंत्र और भविष्य के सहयोगी के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश की आवाज वेनेजुएला के लोकतांत्रिक संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिला सकती है। उन्होंने कहा कि हम भारत के लोगों पर भरोसा करते हैं कि वे हमारे देश में लोकतंत्र की बहाली और शांति की स्थापना में हमारी मदद करेंगे। माचाडो ने भविष्य में भारत को निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित करने की भी बात कही।
मेरिका और भारत की भूमिका पर विचार
माचाडो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव को बढ़ने से रोकने में सकारात्मक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोग शांति चाहते हैं और ट्रंप ने इस संघर्ष को सीमित रखने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने इसे शांति की दिशा में बड़ा कदम बताया।
वेनेजुएला की स्थिति पर चिंता
माचाडो ने कहा कि निकोलस मादुरो की सरकार ने वेनेजुएला को तबाह कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन ने मानवता के खिलाफ अपराध किए और देश की संपन्नता को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि हम शांति और स्वतंत्रता चाहते हैं, युद्ध नहीं। अब समय है कि दुनिया वेनेजुएला के लोगों की आवाज सुने।
ये भी पढ़ें- 'साल 2002 में युद्ध के मुहाने पर थे भारत और पाकिस्तान', CIA के पूर्व अधिकारी का बड़ा खुलासा
अंतरराष्ट्रीय मान्यता और जिम्मेदारी
नोबेल सम्मान मिलने पर माचाडो ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल मेरे देश के संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देता है, बल्कि यह हमें लोकतंत्र की अंतिम जीत के लिए प्रेरित भी करता है। माचाडो ने कहा कि एक बार लोकतंत्र स्थापित हो जाने के बाद वेनेजुएला भारत सहित कई देशों के लिए ऊर्जा, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में अवसर खोलेगा। उन्होंने कहा कि हम भारत में एक ऐसे सहयोगी को देखते हैं जो लोकतंत्र, स्वतंत्रता और विकास में हमारा स्थायी साथी बनेगा।