Maharashtra: 'सीटों के बंटवारे को लेकर महा विकास आघाड़ी के सहयोगियों के बीच खींचतान नहीं,' संजय राउत का दावा
Maharashtra: संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी और केंद्र एवं महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेताओं के बीच अच्छी समझ है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन में जीतने की क्षमता ही मानदंड होगा।
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देश में आगामी आम चुनाव के लिए कुछ ही महीनों का समय शेष है। ऐसे में सभी सियासी दल पूरी तैयारियों में जुट गए हैं। इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने रविवार को दावा कि लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के सहयोगियों के बीच कोई खींचतान नहीं है।
'उम्मीदवारों के चयन में जीतने की क्षमता ही मानदंड'
उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी और केंद्र एवं महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेताओं के बीच अच्छी समझ है। राउत ने कुछ दिन पहले कहा था कि उनकी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) माराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 23 पर चुनाव लड़ेगी। इसके बाद कांग्रेस में नाराजगी पैदा हो गई थी। अब उन्होंने कहा है कि उम्मीदवारों के चयन में जीतने की क्षमता ही मानदंड होगा।
'कुछ नेताओं की गई टिप्पणियों पर न दें ध्यान'
उन्होंने कहा,'महा विकास अघाड़ी के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर कोई खींचतान नहीं है। हम (शिवसेना-यूबीटी) और दिल्ली के साथ-साथ महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेताओं के बीच अच्छी समझ है। गठबंधन को लेकर कुछ नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों पर ध्यान न दें।' उन्होंने कहा, 'हम अपनी सीटों की सूची के साथ तैयार हैं और उन उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा जो चुनाव जीतने में सक्षम होंगे।' एमवीए में शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) और कांग्रेस शामिल हैं।
'प्रकाश आंबेडकर के साथ सब कुछ ठीक'
वंचित बहुजन अघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर को एमवीए में शामिल किए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, 'हमारे और आंबेडकर के बीच सब कुछ ठीक है। वह एक अच्छे वक्ता हैं और भाजपा के खिलाफ अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करते हैं।'
'पीएमओ अब अयोध्या से काम करेगा'
राउत ने आरोप लगाया कि उद्योगों को महाराष्ट्र से गुजरात ले जाया जा रहा है। लेकिन, केंद्रीय मंत्री नारायण राणे, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्रियों देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार में अपनी आवाज उठाने का साहस नहीं है। राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से कुछ दिन पहले अयोध्या में विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत पर राउत ने तंज कसते हुए कहा कि पीएमओ अब अयोध्या से काम करेगा।