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जबरन वसूली का मामला: 'लापता' परमबीर सिंह को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- आप कहां हैं?

Thu, 18 Nov 2021 04:14 PM IST
प्रशांत कुमार झा राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Thu, 18 Nov 2021 04:14 PM IST
सार

मुंबई में वसूली कांड में  फरार चल रहे पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनके ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पहले अदालत को अपने ठिकाने के बारे में बताए कि इस वक्त कहां हैं।

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No relief to Parambir Singh from Supreme Court asked where are you
परमबीर सिंह और सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

मुंबई में वसूली कांड में फरार चल रहे पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पहले अदालत को अपने ठिकाने के बारे में बताए कि इस वक्त कहां हैं। यह बताए बिना अदालत कथित जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए उनकी याचिका पर विचार नहीं करेगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी व मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई जांच को चुनौती देने वाली याचिका पर तब तक सुनवाई नहीं करेगा जब तक कि फरार अधिकारी अदालत को अपने ठिकाने का खुलासा नहीं कर देता।
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जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने इस बात पर आपत्ति जताई कि शीर्ष अदालत के समक्ष पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के माध्यम से याचिका दायर की गई थी और सिंह का ठिकाना अज्ञात था। पीठ ने सिंह की ओर से पेश वकीलों को स्पष्ट कर दिया कि वह याचिका पर सुनवाई नहीं करेगी या सिंह को कोई सुरक्षा नहीं देगी, जब तक अदालत को अधिकारी के ठिकाने के बारे में सूचित नहीं किया जाता। पीठ ने कहा, 'कोई सुरक्षा नहीं, कोई सुनवाई नहीं, जब तक हमारे इस सवाल का जवाब नहीं मिल जाता।आप कहां हैं?'
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शीर्ष अदालत, बॉम्बे हाईकोर्ट के 16 सितंबर के फैसले के खिलाफ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें सिंह द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया गया था। सिंह ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई दो प्रारंभिक जांच को चुनौती दी गई थी। सिंह पिछले कई हफ्तों से फरार है। मुंबई की एक अदालत ने बुधवार को मुंबई पुलिस द्वारा अधिकारी को भगोड़ा घोषित करने की याचिका को स्वीकार कर लिया था। 

परमबीर सिंह के वकील ने मांगा समय
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को इस पर संदेह व्यक्त किया कि क्या सिंह देश से भाग गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वकील से कहा, 'याचिका आपके पावर ऑफ अटॉर्नी धारक द्वारा दायर की गई है। आप कहां हैं? आप देश में हैं या बाहर। हम गलत हो सकते हैं,  लेकिन अगर आप विदेश में हैं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो हम इसे कैसे दे सकते हैं।' तब सिंह की वकील ने कहा कि वह सिंह के ठिकाने के बारे में पावर ऑफ अटॉर्नी से पूछेंगी। इसके लिए उन्होंने समय मांगा। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा, 'आप संरक्षण आदेश की मांग कर रहे हैं लेकिन आप जांच में शामिल नहीं हुए हैं।' सुप्रीम कोर्ट अब सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी।

मजिस्ट्रेट कोर्ट ने परमबीर सिंह को भगोड़ा घोषित किया
मुंबई में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बुधवार को परमबीर सिंह को उनके खिलाफ दर्ज वसूली मामले में ‘‘भगोड़ा अपराधी’’ घोषित किया है। परमबीर सिंह इस साल मई में आखिरी बार कार्यालय आए थे जिसके बाद वह अवकाश पर चले गए। राज्य पुलिस ने बॉम्बे उच्च न्यायालय को पिछले महीने बताया कि पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के बारे में उसके पास कोई जानकारी नहीं है।


देशमुख की याचिका खारिज
वहीं, दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सीबीआई को निर्देश देने की गुहार लगाई थी कि सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच को रिकॉर्ड पर लाने और कथित भ्रष्टाचार व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की थी।

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