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बंगाल: हावड़ा नगर निगम के विभाजन के विधेयक को मंजूरी पर राज्यपाल और सरकार में घमासान
Mon, 27 Dec 2021 04:03 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 27 Dec 2021 04:03 PM IST
सार
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि संवैधानिक बाध्यताएं हैं और मैं वह करूंगी जो मुझे करना चाहिए, और वह वही करेंगे जो उन्हें करना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह राज्यपाल जगदीप धनखड़ के हावड़ा नगर निगम के विभाजन के लिए एक विधेयक को अपनी सहमति नहीं देने के पीछे के कारण समझ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हावड़ा नगर निगम और बल्ली नगर पालिका के चुनाव राज्य के अन्य नगर निकायों के चुनावों के साथ-साथ हो सकते थे, जहां राज्यपाल ने सहमति दी थी।
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स्पीकर ने अपने विधानसभा कक्ष में कहा, मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि राज्यपाल विधेयक को अपनी मंजूरी क्यों नहीं दे रहे हैं। वहीं, धनखड़ से मंजूरी मिलने में देरी पर के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि संवैधानिक बाध्यताएं हैं और मैं वह करूंगी जो मुझे करना चाहिए, और वह वही करेंगे जो उन्हें करना चाहिए।
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ममता बनर्जी राज्य के मानवाधिकार आयोग के सदस्यों के चयन पर विधानसभा परिसर में एक बैठक के इतर बोल रही थीं। धनखड़ और ममता बनर्जी सरकार द्विभाजन विधेयक को लेकर टकराव की राह पर हैं, जिसमें हावड़ा नगर निगम से बल्ली नगरपालिका को बाहर करने का प्रावधान है। राज्यपाल ने रविवार को कहा था कि उन्होंने 24 नवंबर को सवालों के साथ राज्य सरकार को विधेयक वापस भेज दिया था, लेकिन अभी तक आवश्यक स्पष्टीकरण नहीं मिला है। राज्य चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय को बताया है कि 22 जनवरी को पांच नगर निगमों और शेष नगर निकायों के लिए 27 फरवरी को चुनाव कराने की योजना है।
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